23/03/2026
चमत्कार दिखाने वाले बाबाओं की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले कितने ही बाबा, ओझा गुनिया, चमत्कारी होने के बावजूद आज जेल की हवा खा रहे हैं बावजूद इसके समाज में उनका प्रभाव कम होता दिखाई नहीं देता। इस तरह के व्यक्तियों के राजनीतिक संपर्क या कहें जोड़ गाठ इतनी अधिक मजबूत है कि इन पर कोई भी कानून लागू नहीं होता। बहुत जल्दी यह लोग जेल से बाहर हो जाते हैं क्योंकि इस तरह के लोगों की राजनीति के गलियारों में बहुत गहरी पैठ है। यह लोग धार्मिक आयोजनों के माध्यम से वोट बैंक तैयार करने का काम करते आ रहे हैं। यह अपने प्रभावशाली वक्तव्य से एक अलग तरह का समीकरण बनाने का कार्य करते हैं। इस समीकरण को स्थापित करने लिए एक पूरा तंत्र कार्य करने लगता है। यही वजह है कि इन बाबाओं का बाजार लगातार फलता-फूलता जाता है। समाज जितना अधिक असुरक्षा के भाव में अपना जीवन व्यतीत करता है, इस तरह के लोगों के लिए जमीन तैयार होती जाती है।
भय, असुरक्षा का अपना एक समाजशास्त्र होता है और जैसे-जैसे व्यक्ति का समाजीकरण होता है, उसे धीरे-धीरे समाज भय और असुरक...