07/08/2017
कितना खुश हुआ था तू
सुदामा के द्वार आने पर
नंगे पाँव दौड़ा तू उसे
घर अपने बुलाने पर
तीनों लोक लुटा दिये तूने
चावल के आधे दाने पर
मर जाऊँ श्याम मैं तो
तेरे ऐसे याराने पर
*🙏 जय श्री कृष्णा 🙏*