08/11/2025
**“लोग यहाँ बस कुछ पल ठहरते हैं…
एक ट्रेन का इंतज़ार, एक सफ़र की जल्दी।
पर किसी ने कभी सोचा है कि इस शोर, इस भीड़, इस भागती रेलों के बीच
कुछ ऐसे भी होते हैं… जो कहीं नहीं जाते।
जो हर दिन यहीं जागते हैं,
यहीं सो जाते हैं…
जिनके लिए ये पटरी, ये प्लेटफ़ॉर्म, ये ठंडी सी ज़मीन
मंज़िल भी है… और घर भी।
हम सबके लिए यह स्टेशन सिर्फ़ एक स्टॉप है,
पर इनके लिए—
यही पूरी दुनिया है।”**