22/08/2026
🌿 #श्री_कोणेश्वर_महादेव_जी —देवलसारी, पुजाल्ड़ी में नौ दिवसीय हरियाली एवं कालरात्रि महायज्ञ का शुभारंभ 🌿
आज दिनांक 22 अगस्त 2026 की संध्या बेला में जौनपुर क्षेत्र के #पुजाल्ड़ी गाँव स्थित देवलसारी में भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी के पावन मंदिर में नौ दिवसीय हरियाली एवं कालरात्रि महायज्ञ का शुभारंभ पवित्र हरियाली पड़ने एवं अखंड ज्योति प्रज्वलित होने के साथ विधिवत रूप से हो गया है।
इस नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर के गर्भगृह में #अखंड_ज्योति निरंतर प्रज्वलित रहेगी। साथ ही, ऋग्वैदिक कर्मकांडों एवं विधि-विधान के अनुसार प्रत्येक प्रहर भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी की पूजा-अर्चना संपन्न होती रहेगी।
इस महायज्ञ में ग्राम #पुजाल्ड़ी निवासी एवं भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी के पुजारी #श्री_बृजलाल_गौड़ जी द्वारा नौ दिनों तक विधिवत रूप से पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा।
🌿 ्त_2026 — कालरात्रि एवं पांडव नृत्य 🌿
नौ दिवसीय आयोजन के आठवें दिन, ्त की रात्रि को कालरात्रि का विशेष आयोजन किया जाएगा। चूँकि इस पावन आयोजन का दायित्व ग्रामसभा पुजाल्ड़ी द्वारा निभाया जाता है, अतः श्रद्धालुओं के लिए रात्रि भोज की व्यवस्था ग्रामसभा पुजाल्ड़ी में ही की जाती है।
रात्रि भोज के पश्चात #रात्रि_10 बजे समस्त श्रद्धालु एवं ग्रामवासी गाँव से देवलसारी स्थित मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। #रात्रि_11 बजे मंदिर में प्रथम आरती संपन्न होगी। इसके पश्चात ढोल-दमाऊँ की गूँज और पवित्र वाद्य-नाद के बीच पांडव नृत्य का शुभारंभ होगा।
भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी के ढोल वादक #श्री_विक्रम_दास एवं #श्री_शीशपाल(पप्पू) जी अपनी पारंपरिक वादन-सेवा से इस पावन आयोजन को भक्तिमय वातावरण प्रदान करेंगे।
पांडव नृत्य के दौरान भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी के पश्वा सहित विभिन्न देवी-देवताओं के पश्वाओं पर दिव्य अवतरण की पावन परंपरा संपन्न होगी। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में द्रौपदी, पांच पाण्डव, स्वयं भगवान शिव तथा अन्य देवी-देवताओं के पश्वा अपनी-अपनी दिव्य परंपराओं के अनुसार अवतरित होंगे।
ढोल-दमाऊँ की गूँज, देव-अवतरण और भक्तिमय वातावरण के बीच यह पावन पांडव नृत्य कार्यक्रम पूरी रात्रि भर चलेगा।
इस दिव्य अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के एकत्रित होने की संभावना है। आप सभी श्रद्धालुओं से सादर निवेदन है कि भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी के दिव्य दर्शन एवं इस पावन धार्मिक आयोजन के साक्षी बनने हेतु अवश्य पधारें।
🌿 ्त_2026 — हरियाली कटना एवं भगवान की दिव्य डोली 🌿
अगले दिन 30 अगस्त को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित हरियाली को विधिवत रूप से काटा जाएगा। हरियाली काटने के पश्चात उसे मंदिर में ही श्रद्धालुओं को प्रसादस्वरूप वितरित किया जाएगा। इसके पश्चात भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी की दिव्य डोली श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाली जाएगी।
इस अवसर पर दोपहर के भोजन (भोज) की व्यवस्था ग्रामसभा पुजाल्ड़ी में की जाएगी, जहाँ सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था रहेगी। वहीं, भगवान की हरियाली का प्रसाद मंदिर में ही श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा।
यह दिव्य डोली चार गाँवों — #पुजाल्ड़ी, #ठिक्क, #बंगसील एवं #तेवा — से संबंधित है। हरियाली कटने के पश्चात डोली सर्वप्रथम ग्राम पुजाल्ड़ी पहुँचेगी, जहाँ एक दिवसीय पांडव नृत्य एवं धार्मिक आयोजन होगा। इसके उपरांत विधिवत रूप से अन्य तीनों गाँवों में भी एक-एक दिवसीय डोली नृत्य एवं धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।
समस्त ग्रामों की यात्रा पूर्ण करने के पश्चात भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी की दिव्य डोली पुनः देवलसारी स्थित मंदिर के गर्भगृह में विधिवत विराजमान होगी और आगामी कपाट खुलने तक वहीं विश्राम करेगी।
🙏 #द्विवार्षिक_परंपरा_एवं_आयोजन 🙏
देवलसारी स्थित भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी के मंदिर में होने वाला यह पावन आयोजन ग्रामसभा पुजाल्ड़ी द्वारा आयोजित किया जाता है। वहीं, भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी का बंगसील गाँव में स्थित मंदिर, जो ग्राम के भीतर बाद में स्थापित किया गया मंदिर है, वहाँ होने वाला हरियाली एवं धार्मिक आयोजन ग्रामसभा बंगसील द्वारा आयोजित किया जाता है।
इस प्रकार यह पावन परंपरा बारी-बारी से द्विवार्षिक क्रम में संपन्न होती है—एक बार ग्रामसभा पुजाल्ड़ी द्वारा देवलसारी स्थित मंदिर में तथा अगले अवसर पर ग्रामसभा बंगसील द्वारा बंगसील स्थित मंदिर में।
इसी क्रम में प्रत्येक दो वर्ष में यह पावन आयोजन दोनों ग्रामसभाओं द्वारा अपनी-अपनी बारी के अनुसार श्रद्धा, आस्था एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाता है।
ग्राम पुजाल्ड़ी का नाम भी भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी की सेवा एवं पूजा-अर्चना से जुड़ी अपनी प्राचीन परंपरा से संबंधित माना जाता है। यहाँ के लोग परंपरागत रूप से भगवान के पुजारी रहे हैं और इसी #पुजारी परंपरा से कालांतर में यह क्षेत्र “ #पुजाल्ड़ी” नाम से प्रसिद्ध हुआ।
🌺 आइए, इस पावन धार्मिक परंपरा के साक्षी बनें और भगवान श्री कोणेश्वर महादेव जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। 🌺
ॐ नमः शिवाय।
हर हर महादेव! 🔱🙏
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