03/03/2019
ख़्वाहिश है उन सपनो को पूरा करना जो कहीं ज़िंदगी की झदोझेद में अधूरे रह गए थे ,
जो कहीं पीछे रह गए थे , बस उन्हें खोज ने निकल पड़ा हूँ मैं,
कुछ तो टूट कर बह गए , तकलीफ़ तो हुए थी , रूखा पन था , बंजर सा हो गया था मेरा दिल ,दर्द को मेरे देख कर खुदा ने एक करिश्मा ऐसा किया ,बस एक बूँद आशा की डाल दी , फिर बस क़दम उठे और निकल पड़े .