19/11/2025
पुराने नैरोगेज ट्रैक पर घने जंगल के बीच दुर्गापुरी माता मंदिर है। इस मंदिर का इतिहास पांडवों के समय का बताया जाता है। इसकी प्रमाणिकता इससे भी प्रतीत होती है कि इससे थोड़ी ही दूर फूलदा गांव और पास स्थित झरने में दस हजार साल पुरानी रॉक पेंटिंग और चित्र भी मिले हैं, रॉक पेंटिंग से एक प्राचीन नगर होने की प्रमाणिकता होती है और उसी से यह किवदंती भी सटीक लगती है कि यहां प्राचीनकाल मे कोई दैवीय मंदिर या चमात्कार रहा, जिसकी खोज करीब 90 साल पहले शिवनारायण पराशर ने की थी, जिन्हें डांगवैल बाबा के नाम से भी जाना जाता है।