Md Ajmal Viloge

Md Ajmal Viloge मेरा नाम अजमल राजा है मे पुनिया से हुं

11/11/2024

एक गरीब परिवार की कहानी
गांव की एक छोटी सी झोपड़ी में एक गरीब परिवार रहता था। परिवार के सदस्य थे - पिता रामू, माँ श्यामा, और उनके दो बच्चे मुन्ना और गुड़िया। वे अपने छोटे से जीवन में खुश थे, लेकिन गरीबी उनके जीवन को कठिन बना देती थी।
रामू गांव में मजदूरी करता था और श्यामा घर का काम करती थी। मुन्ना और गुड़िया शाम को खेलने जाते थे। वे अपने माता-पिता की मेहनत देखते थे और खुश रहने की कोशिश करते थे।मुन्ना और गुड़िया को पढ़ाई का बहुत शौक था। वे अपने पिता की कमाई में से थोड़ी-थोड़ी बचत करके खरीदी गई किताबों से पढ़ते थे। वे दोनों जानते थे कि शिक्षा ही उनके जीवन को बेहतर बना सकती है।
एक दिन, मुन्ना और गुड़िया का स्कूल जा रहा था, पर उनके पास स्कूल फीस देने के लिए पैसे नहीं थे। रामू और श्यामा बहुत चिंतित थे।फिर भी, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष करने का फैसला किया। रामू ने और अधिक मेहनत करने का फैसला किया और श्यामा ने खेती में मदद करने का काम शुरू किया।
उनकी मेहनत रंग लाई। मुन्ना और गुड़िया को स्कूल भेजने के लिए पैसे इकट्ठा हो गए। बच्चों ने अपने माता-पिता की मेहनत को देखा और वे अधिक समर्पित हो गए।
मुन्ना और गुड़िया ने अच्छे अंक प्राप्त किए और उनकी कठिनाईयों के बावजूद, वे हमेशा मुस्कुराते रहे। वे अपने माता-पिता की आशा को निराश नहीं होने दिए।वर्षों बाद, मुन्ना और गुड़िया बड़े हो गए। मुन्ना ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और गुड़िया ने शिक्षक बनने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने माता-पिता की सच्चाई को समझा और उनकी समर्पण को सम्मानित किया।वे अब अपने परिवार को समर्थन करने में सक्षम थे और उन्होंने अपने माता-पिता के लिए एक नया घर बनवाया। रामू और श्यामा की आँखों में आंसू थे, लेकिन ये आंसू खुशी के
अंत में, उनका संघर्ष और समर्पण उन्हें उनके सपने साकार करने में मदद करा। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि कठिनाईयाँ सिर्फ अस्थायी होती हैं, अगर हमारी संकल्पना मजबूत हो, तो हम किसी भी समस्या को पार कर सकते है

प्लीज एक लाइक और सेर कर दें ।।👍👍👍👍🙏🙏
मो.अजमल राजा

11/11/2024

जवानी के लालच में
बचपन गया
अब अमीरी के चक्कर
मे जवानी जा रही है A.R

अच्छा लगे तो लाइक 👍👍
11/11/2024

अच्छा लगे तो लाइक 👍👍

10/11/2024

यह कहानी है एक किसान की, जो की बहुत मेहनती था। वह बड़ी मेहनत से खेतों में अनाज उगाता था और उसकी देखभाल करता था। पर अक्सर ही उसकी फसल खराब हो जाती थी।
कभी सूखा पड़ जाता, कभी बाड़ आ जाती, या कभी तेज धूप, और कभी आंधी। कोई ना कोई वजह से उसकी फसल खराब हो ही जाती थी।
1 दोनों किस पेड़ के नीचे बैठकर अपनी बर्बाद हुई फसल को देख रहा था, और तभी वह गुस्से में आसमान की तरफ देखकर भगवान से कहता है ” की मालिक आपको सब बहुत महान मानते हैं और सबसे ज्यादा ज्ञानी मानते हैं, कहते हैं कि आप सब जानते हैं! लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि आपको कुछ भी नहीं पता। “
मुझे यह लगता है कि आपको तो यह भी नहीं पता होगा, की फसल कैसे होती है! अगर आप यह जानते होते, तो हर समय जो बाढ़, आंधी, और तूफान आते हैं, वह कभी नहीं आती।
आप नहीं जानते कि कितना नुकसान उठाना पड़ता है हम किसानों को। अगर मेरे हाथ में शक्ति होती, की जैसा मैं चाहूं, वैसा मौसम हो जाए, तो फिर आप देखना मैं फसल को कितने अच्छे तरीके से उगाता हूं।
तभी उतने में ऊपर से एक आवाज आई, ” ले मैं तुझे यह ताकत देता हूं कि आज से तू जैसा चाहे वैसा मौसम करके अपने फसल को उड़ा सकता है, और अपनी फसलों की हिफाजत कर सकता है। “
एक-दो दिन गुजारने के बाद किस ने फिर से अपने खेत में गेहूं की फसल उगाई, अब किसान के पास तो शक्ति थी, वह जैसा चाहे वैसा मौसम कर सकता था। तो किसान ने आंधी, तूफान, और बाढ़, कुछ भी उसने अपने खेतों पर आने नहीं दिया।
किसान ने अपनी फसलों को बर्बाद होने से बचाया, और उस साल उस किसान के खेत में ऐसी फसल हुई, जो पहले कभी नहीं हुई थी। मन-ही-मन किसान बहुत खुश हो रहा था और साथ ही साथ यह सोच भी रहा था कि भगवन को बताऊंगा, कि इसे कहते हैं शक्ति का सही इस्तेमाल।
कुछ दिन और गुजरने के बाद फसल काटने के लिए तैयार हो गई, किसान बड़े उत्सुकता के साथ फसल को काटने लगा, पर जैसे ही उसकी नजर गेंहू की बोलियां पर पड़ी, तो वह हैरान हो गया। क्योँकि उन वालियों में, गेहूं के दाने ही नहीं थे।
गेंहू के एक भी बाली के अंदर, गेहूं का दाना ही नहीं था, सारी बालियां अंदर से खाली थी। अब वह किस बड़ा परेशान हो गया, और फिर से भगवान को पुकारने लगा। वह जोर-जोर से चिल्ला कर यह कह रहा था ” भगवान शायद तूने मुझे कोई सजा दी है! तभी ऊपर से आवाज आई कि मेने तुम्हें कोई सजा नहीं दिया है, बल्कि इसकी जिम्मेदार तो तुम खुद हो!”
तुमने अपने पौधों को संघर्ष करने का मौका ही नहीं दिया। ना तो तुमने उन्हें आंधियों से जूझने दिया, ना ही तेज बारिश से सहने दिया, और ना ही धूप में तपने दिया। एक भी चुनौती का सामना तुमने उन्हें नहीं करने दिया, इसीलिए सारे पौधे अंदर से खोखले रह गए।
जब आंधी, तूफान, तेज बारिश, और धूप पड़ती है तभी यह पौधे संघर्ष करते हैं, और इसी संघर्ष से ताकत पैदा होती है। जिसमें पावर होता है, एनर्जी होती है और इसी संघर्ष से गेहूं का दाना बनता है।
तूने उन्हें बुरे वक्त से गुजरते ही नहीं दिया, जहां उनका बनावट होता, सारी बालियां इसीलिए खोकली रह गई, क्योंकि तुमने अपने पौधों को संघर्ष कराया ही नहीं।
सेम यही चीज दोस्तों हमारे साथ भी होती है, इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है: कि बुरा वक्त जो होता है, जिसे लोग संघर्ष कहते हैं, स्ट्रगल कहते हैं, यहीं से एक इंसान की तरक्की होती है।
आपको पता होगा कि जब एक डायरेक्टर कोई मूवी बनता है, तो डायरेक्टर सबसे डिफिकल्ट रोल, अपने बेस्ट एक्टर को देता है। तो जब भी आपको ऐसा लगे, कि आपकी जिंदगी में तकलीफ है, बहुत ज्यादा प्रॉब्लम्स है, और आपकी किस्मत खराब है, तब खुश हो जाइए, क्योंकि उस भगवन ने यह सारी प्रॉब्लम्स आपकी लाइफ में ही क्यों दिया है?
क्योंकि उसे पता है, कि आप इन सब को पार करके आगे निकल सकते हो। और जरा सोच कर तो देखिए की अगर आपकी जिंदगी में कोई प्रॉब्लम ही ना हो, कोई संघर्ष ही ना हो,
अजमल राजा
लाईक 👍👍👍👍

गरीब हुं
05/11/2024

गरीब हुं

में गरीब हु कोई तो लाईक कर दो   भाई साहेब 🙏🙏🙏🙏
05/11/2024

में गरीब हु कोई तो लाईक कर दो
भाई साहेब 🙏🙏🙏🙏

गरीबी कीया चीज है किसी गरीब से पूछो
05/11/2024

गरीबी कीया चीज है किसी गरीब से पूछो

गरीब बच्चा को कोई लाईक नही करता
05/11/2024

गरीब बच्चा को कोई लाईक नही करता

पुराना महल
05/11/2024

पुराना महल

गरीब किसान  life
05/11/2024

गरीब किसान
life

Beautiful nature flowers
05/11/2024

Beautiful nature flowers

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