31/08/2022
मैं भीम आर्मी चंद्र शेखर की पार्टी या संगठन से कभी नही रहा। लेकिन चंद्र शेखर ने राजस्थान में, खास कर पश्चमी राजस्थान में कुछ वो कार्य कर डाले है, जो मुझ जैसे हर राजस्थान वाले की जिम्मेदारी थी। चाहे वो राजस्थान के किसी कोने से हो, तमाम असहमतियों के बावजूद यह तो मानना ही पड़ेगा कि भीम आर्मी के चंद्र शेखर जी ने बहुत कम समय मे राजस्थान के पश्चिम भाग से " प्लांटेड क्रांतिकारियों, NGO's गैंग और जातीय महासभाओं के गुर्गों की दुकानें बंद करवा दी है", ये बहु प्रतीक्षित ऐसा कार्य था, जिसे बसपा भी अपने 35 साल के कार्यकाल में नही कर पाई। और यही कारण है कि मैं बिना शर्त उनके हर आंदोलन को समर्थन देते आया हूँ।
कल जालौर में राणा प्रताप के वंशजों द्वारा आयोजित सभा मे, भाजपा की एक दलित नेत्री का यही दर्द छलक फूट पड़ा, दिन रात अपने गुजराती भगवान नरेन्द्र मोदी जी के नारे लगाने वाली नेत्री ने चंद्र शेखर को बाहरी बोल दिया। दो महीने पहले यही शब्द एक कोंग्रेस के विधायक ने भी बोले थे।
क्योंकि अब समाज उन्ही का सम्मान करने लगा है, जो समाज के लिए आमने खड़ा होकर लड़ता हुआ दिखाई देगा। पिछले 4-5 से, पूर्व की तरह दलित वर्ग के गुलाम MLA MP के लिए युवाओं की भीड़ नही जुटती, यही नही युवा उनसे सवाल भी पूछने लगे है। अब तक जिस सामाजिक छलावा के माध्यम से नेता बनकर कुछ लोग सम्मान हासिल करते थे, अब छलावा करने का स्कोप ही कम हो गया है। सम्मान चाहिए तो लड़ो, और लड़ने का मतलब है, जातिवादियो का विरोध झेलना, जिसे चंद्र शेखर झेल रहा है, मैं भी लंबे समय से झेल रहा हूँ।
राजस्थान के पश्चिम भाग में अब स्वाभिमान सम्मान के चाह की एक ऐसी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जो अब थमती दिख नही रही। इस परिवर्तन में बहुतों की आहुति लगनी है। निश्चित रूप से ये आहुति प्लांटेड क्रांतिकारियों, NGO's गैंग्स और जातीय महासभाइयो की ही लगेगी, इनका अपनी दुकानों के बंद हो जाने का ही दर्द है जो दबी आवाज़ में कोंग्रेस भाजपा जैसी विरोधी पार्टी के समर्थक भी एक सुर में बाहरी बाहरी का राग अलापने लगते है।
बीते 4 महीनों में चंद्र शेखर को राजस्थान के अलग अलग क्षेत्रो में रोका गया, बिना कारण जेल भेजा गया, उसके साथ विदेशियों जैसा सुलूक किया गया। लेकिन इन प्लांटेड क्रांतिकारियों, NGO गैंग और जातीय महासभाओं के गुर्गों की तरफ से किसी भी स्तर पर विरोधी स्वर नही फूटे। बल्कि सब मन ही मन प्रसन्न होते रहे कि अच्छा है चंद्र शेखर को इस प्रदेश में आने से ही रोक दिया जाए।
चंद्र शेखर, राजस्थान के आगामी चुनाव में क्या चुनावी परिणाम हासिल करेंगे यह कहना तो मुश्किल है। लेकिन यह तय है कि पश्चिम राजस्थान का सबसे ताकतवर नेता फिलहाल चंद्र शेखर ही है। वही पश्चिम राजस्थान जहाँ से राजस्थान के अधिकांश मठाधीश नेता आते है। इसलिए ही तो वो कोंग्रेस भाजपा दोनो की बेचैनी बढ़ा रहा है।
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- आपका छोटा भाई जितेंद्र कुमार मेघवाल