The Sound For Youth

The Sound For Youth Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from The Sound For Youth, Photographer, Palwal.

01/08/2026

जंतर-मंतर पहुंचे हजारों कॉकरोच, फिर धरना शुरू? सरकार ने दिया धोखा | Students Return to Jantar Mantar

X यूजर सूर्या समाजवादी ने कहा है कि "हनुमान जी को जब BJP के रोड शो में नचाया जाता है तब इन मूर्खी की भावनाएं आहत नहीं हो...
31/07/2026

X यूजर सूर्या समाजवादी ने कहा है कि "हनुमान जी को जब BJP के रोड शो में नचाया जाता है तब इन मूर्खी की भावनाएं आहत नहीं होती, आज पप्पू यादव ने संसद के बाहर दान पत्र लूटने का रोल किया तो मूर्खी को मिर्ची लग गई, जब मंदिर का चंदा लूटा गया तब भावनाएं आहत क्यों नहीं हुई ?"



31/07/2026

साधु के भेष में पप्पू यादव दान पात्र से चोरी कर भागे? संसद के बाहर गजब नजारा..

31/07/2026

संसद में विपक्ष ने किया चंदा चोरी का नाट्य रूपांतरण, श्रद्धालु बने राहुल गांधी जी ने दान दिया, पुजारी बने पप्पू यादव दानपात्र लेकर 'चंपत' हो गए।

31/07/2026

क़ुरान की बेअदबी, मस्जिद पर भगवा! मुसलमानों पर ऐसा ज़ुल्म! घर फूंके! दुकानों में तोड़फोड़!

31/07/2026

मुस्लिम घरों-मस्जिदों पर हमला, चुन-चुन कर मारा, सारी मीडिया चुप | Hindutva Mob Sets Mosque on Fire

यूपी: गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में गुलधर स्टेशन के पास कांवड़ खंडित होने के आरोप को लेकर कांवड़ियों ने एक...
31/07/2026

यूपी: गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में गुलधर स्टेशन के पास कांवड़ खंडित होने के आरोप को लेकर कांवड़ियों ने एक मुस्लिम युवक इमरान की पिटाई कर दी।

हरिद्वार से भरतपुर (राजस्थान) गंगाजल लेकर जा रहे कांवड़िया सोनू कुमार का आरोप था कि युवक के छूने से उनकी कांवड़ खंडित हो गई। जिसके बाद कुछ कांवड़ियों ने इमरान को पकड़ा और बीच रोड पर बुरी तरह पीटा। करीब 20 मिनट तक सड़क पर हंगामा चलता रहा, जिससे लगभग एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कांवड़ियों की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कांवड़ की दोबारा विधि-विधान से पूजा करवाई, जिसके बाद उन्हें यात्रा के लिए रवाना किया गया।

31/07/2026

सद के बाहर विपक्ष ने शोर्ट फ़िल्म
बना डाला! चढ़ावा चोरी पर बीजेपी की थू थू!

ये भी सच है क्या आप जानते हैं कि एक समय भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का विरोध क...
30/07/2026

ये भी सच है

क्या आप जानते हैं कि एक समय भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का विरोध करने के लिए कार छोड़कर बैलगाड़ी से संसद पहुँच गए थे? यह सुनने में आज किसी राजनीतिक व्यंग्य जैसा लग सकता है, लेकिन यह घटना वास्तव में 1973 में हुई थी और इसके पीछे पूरी दुनिया को हिला देने वाला तेल संकट था।

यह बात उस समय की है जब इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री थीं और अटल बिहारी वाजपेयी विपक्ष में भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। साल 1973 में दुनिया अचानक एक बड़े Oil Crisis की चपेट में आ गई थी।

उस वर्ष अरब-इजरायल युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मची। तेल की सप्लाई प्रभावित हुई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने लगीं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता था, इसलिए वैश्विक तेल संकट का सीधा दबाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा।

सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों और टैक्स से जुड़े कड़े कदम उठाने पड़े। पेट्रोल और केरोसिन की बढ़ती कीमतों ने विपक्ष को सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा दे दिया।

इसी माहौल में 12 नवंबर 1973 को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ।

उस दिन अटल बिहारी वाजपेयी ने विरोध जताने का ऐसा तरीका चुना जिसकी तस्वीर दशकों बाद भी भारतीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।

वाजपेयी जी अन्य नेताओं के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर संसद पहुँचे।

यह कोई सामान्य यात्रा नहीं थी बल्कि एक प्रतीकात्मक राजनीतिक प्रदर्शन था। इसका संदेश साफ था—अगर पेट्रोल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और आम आदमी के लिए ईंधन मुश्किल होता गया, तो क्या देश को फिर बैलगाड़ी जैसे पुराने साधनों पर लौटना पड़ेगा?

उस दौर की तस्वीरों में नेताओं को बैलगाड़ी से संसद परिसर की ओर जाते देखा जा सकता है। आज लगभग आधी सदी बाद भी ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर बार-बार वायरल होती रहती हैं।

लेकिन इसी घटना के साथ एक दावा बहुत सावधानी से समझना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर अक्सर लिखा जाता है कि “सिर्फ 7 पैसे पेट्रोल महंगा होने पर अटल बिहारी वाजपेयी बैलगाड़ी से संसद पहुँच गए थे।” यह आंकड़ा कई बाद की राजनीतिक पोस्ट और रिपोर्टों में दोहराया गया है, लेकिन उपलब्ध मजबूत ऐतिहासिक रिकॉर्ड से उस खास 7 पैसे के आंकड़े को उतनी स्पष्टता से प्रमाणित करना मुश्किल है।

इसलिए घटना को सही तरीके से बताना हो तो यह कहना बेहतर है कि वाजपेयी जी 1973 में पेट्रोल और केरोसिन सहित पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के विरोध में बैलगाड़ी से संसद पहुँचे थे।

अगले दिन यानी 13 नवंबर 1973 को संसद में पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े टैक्स और कीमतों के मुद्दे पर चर्चा भी हुई और वाजपेयी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

दिलचस्प बात यह है कि इस तस्वीर को लेकर इंटरनेट पर एक और गलत कहानी भी काफी वायरल हुई।

कई पोस्ट में दावा किया गया कि वाजपेयी जी भारत में कंप्यूटर लाए जाने का विरोध करते हुए बैलगाड़ी से संसद पहुँचे थे। लेकिन यह दावा समयरेखा से ही गलत साबित हो जाता है। यह घटना 1973 की है, जबकि भारत में कंप्यूटरीकरण को लेकर राजीव गांधी के दौर वाली राजनीतिक बहस इससे काफी बाद की है।

असल वजह ईंधन की कीमतों और 1973 के तेल संकट से जुड़ा विरोध था।

इस घटना को समझने के लिए उस समय की दुनिया को समझना भी जरूरी है। आज पेट्रोल पंप और मोटर वाहन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का सामान्य हिस्सा हैं, लेकिन 1973 के Oil Crisis ने दुनिया के कई देशों को पहली बार बहुत गंभीरता से यह एहसास कराया कि तेल की सप्लाई में बड़ी रुकावट पूरी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

भारत भी इससे अछूता नहीं था।

महंगा तेल केवल कार चलाने वाले व्यक्ति की समस्या नहीं बनता। इसका असर माल ढुलाई, उद्योग, खेती, परिवहन और अंततः रोजमर्रा की चीजों की कीमतों तक पहुँच सकता है। इसलिए पेट्रोलियम की बढ़ती कीमत उस दौर में एक बड़ा आर्थिक और राजनीतिक मुद्दा बन गई थी।

और वाजपेयी जी ने उसी जटिल आर्थिक मुद्दे को जनता तक पहुँचाने के लिए एक बेहद आसान दृश्य चुना—कार की जगह बैलगाड़ी।

शायद यही कारण है कि यह विरोध इतना यादगार बन गया।

एक भाषण कुछ दिनों में भुलाया जा सकता है, लेकिन संसद के सामने बैलगाड़ी पर बैठा एक बड़ा विपक्षी नेता ऐसा दृश्य था जिसे कैमरों ने इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज कर दिया।

बाद में अटल बिहारी वाजपेयी स्वयं भारत के प्रधानमंत्री बने और देश की राजनीति ने कई बड़े बदलाव देखे, लेकिन 1973 की बैलगाड़ी वाली यह घटना भारतीय राजनीतिक विरोध के सबसे चर्चित प्रतीकात्मक प्रदर्शनों में आज भी याद की जाती है।

🇮🇳 करीब आधी सदी पहले पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का विरोध करने के लिए एक नेता बैलगाड़ी से संसद पहुँचा था—और शायद किसी राजनीतिक प्रदर्शन की ताकत यही होती है कि दशकों बाद भी उसकी एक तस्वीर पूरी कहानी याद दिला दे।

Address

Palwal

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when The Sound For Youth posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category