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अवधेश सिंह ढाबा विक्रमजोत अयोध्या
08/11/2023

अवधेश सिंह ढाबा विक्रमजोत अयोध्या

25/12/2022

क्या आप जानते है कि

मंगल पांडे को फाँसी❓
ताँत्या टोपे को फाँसी❓
रानी लक्ष्मीबाई को अंग्रेज सेना ने घेर कर मारा❓
भगत सिंह को फाँसी❓
सुखदेव को फाँसी❓
राजगुरु को फाँसी❓
चंद्रशेखर आजाद का एनकाउंटर अंग्रेज पुलिस द्वारा❓
सुभाषचन्द्र बोस को गायब करा दिया गया❓
भगवती चरण वोहरा बम विस्फोट में मृत्यु❓
रामप्रसाद बिस्मिल को फाँसी❓
अशफाकउल्लाह खान को फाँसी❓
रोशन सिंह को फाँसी❓
लाला लाजपत राय की लाठीचार्ज में मृत्यु❓
वीर सावरकर को कालापानी की सजा❓
चाफेकर बंधू (३ भाई) को फाँसी❓
मास्टर सूर्यसेन को फाँसी❓
ये तो कुछ ही नाम हैं जिन्होंने स्वतन्त्रता संग्राम और इस देश की आजादी में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया❓
कई हज़ार वीर ऐसे हैं , हम और आप जिनका नाम तक नहीं जानते ❓

एक बात समझ में आज तक नहीं आई कि भगवान ने गांधी और नेहरु को ऐसे कौन से कवच-कुण्डल दिये थे❓
जिसकी वजह से अंग्रेजों ने इन दोनो को फाँसी तो दूर, कभी एक लाठी तक नहीं मारी...❓
ऊपर से यह दोनों भारत के बापू और चाचा बन गए और इनकी पीढ़ियाँ आज भी पूरे देश के ऊपर अपना पेंटेंट समझती हैं❓

*गहराई से सोचिए❓❓* जिसने भी मुझे यह संदेश भेजा है,उसको धन्यवाद।कृपया आप भी आगे भेजें।

सैनिकों पर पत्थर - अहिंसक आंदोलन

लव जिहाद पर कार्यवाही- गुंडागर्दी

पत्थरबाज- भटके हुए नौजवान

भारत तेरे टुकड़े - अभिव्यक्ति आजादी

भंसाली को थप्पड़ - हिन्दू आतंकवाद

गौमांस भक्षण - भोजन का अधिकार

ईद पर बकरा काटना - धार्मिक स्वतंत्रता

तीन तलाक हलाला - धार्मिक अंदरूनी मामला

दीवाली पटाखे - पर्यावरण प्रदूषण

न्यू इयर पटाखे - जश्न का माहौल

मटकी-फोड़ में बच्चे - असंवैधानिक

मासूम बच्चों का खतना - धार्मिक अंदरूनी मामला

प्लेटफार्म पर नमाज - धार्मिक अधिकार

सड़क पर पंडाल - सड़क जाम का केस

मस्जिद लाउडस्पीकर - धार्मिक स्वतंत्रता

मंदिर में लाउडस्पीकर - ध्वनि प्रदूषण

करवाचौथ - ढकोसला

वैलेंटाइनडे - प्यार का पर्व

चार शादियाँ - धार्मिक स्वतंत्रता

हिन्दू दो शादी - केस दर्ज

गणेश विसर्जन, होली - जल प्रदूषण

ताजिया विसर्जन - संविधान अधिकार

आजम,ओवैसी,केजरी- राष्ट्र पुरुष

मोदी,योगी,स्वामी- हिन्दू आतंकवादी

भगत सिंह सुखदेव राजगुरु- आतंकवादी

अफजल,कसाब,बुरहान- शहीद

15 मिनिट पुलिस हटालो- सहिष्णुता

भाजपा चुनाव जीती- असहिष्णुता

कश्मीर,असम केरल दंगे- देश शांत

अख़लाक़, गुजरात दंगे- अवार्ड वापसी,असहिष्णु देश

शिव लिंग पर दूध चढ़ाना- दूध की बर्बादी

बकरे काटना,चादर चढ़ाना- धार्मिक मान्यता

राम मंदिर- गुंडाराज

बाबरी मस्जिद- देश में अमन चैन

ताज महल- प्रेम की निशानी

राम सेतु- राम काल्पनिक हैं राम थे ही नहीं

आतंकियों की फाँसी पर- रात में कोर्ट खुलवाते हैं आंदोलन होते हैं,दया याचिका दायर की जाती है,भारत विरोधी नारे लगाये जाते हैं ।

किसी कुलभूषण की फाँसी पर- सब मौन

भारत में हिन्दुओं पर अत्याचार- कोई आवाज नहीं उठाता..सब मौन हो जाते हैं साँप सूंघ जाता है

हिन्दुओं द्वारा प्रतिक्रिया पर- भगवा आतंकवादी
देश में असहिष्णुता का माहौल,
अवार्ड वापसी जैसे ढोंग

देवी देवताओं का अपमान
- अभिव्यक्ति
की आजादी

मोहम्मद पर बयान - रासुका धारा तोड़फोड़

ये है भारत की सच्चाई

क्या हो रहा है इस देश में ?
कहाँ है समान अधिकार ? सोचना सभी को होगा क्या ये है ?

मेरा देश 🇮🇳 सर्वोपरी व सर्वप्रथम .......!

जब हर कोई ये सूक्ति दोहराएगा,
तब ही मेरा देश बदल पाएगा।

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🚩जय हिंद🚩
🚩जय भारत🚩
🚩जय श्री राम 🚩
सभी मित्रों को जय श्री राम🚩

08/11/2022

आज चन्द्र ग्रहण

04/11/2022

माता तुलसी की कथा🙏🙏

तुलसी कौन थी?
तुलसी(पौधा) पूर्व जन्म मे एक लड़की थी जिस का नाम वृंदा था, राक्षस कुल में उसका जन्म हुआ था बचपन से ही भगवान विष्णु की भक्त थी.बड़े ही प्रेम से भगवान की सेवा, पूजा किया करती थी.जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया। जलंधर समुद्र से उत्पन्न हुआ था.
वृंदा बड़ी ही पतिव्रता स्त्री थी सदा अपने पति की सेवा किया करती थी.
एक बार देवताओ और दानवों में युद्ध हुआ जब जलंधर युद्ध पर जाने लगे तो वृंदा ने कहा -
स्वामी आप युद्ध पर जा रहे है आप जब तक युद्ध में रहेगे में पूजा में बैठ कर आपकी जीत के लिये अनुष्ठान करुगी,और जब तक आप वापस नहीं आ जाते, मैं अपना संकल्प
नही छोडूगी। जलंधर तो युद्ध में चले गये,और वृंदा व्रत का संकल्प लेकर पूजा में बैठ गयी, उनके व्रत के प्रभाव से देवता भी जलंधर को ना जीत सके, सारे देवता जब हारने लगे तो विष्णु जी के पास गये।
सबने भगवान से प्रार्थना की तो भगवान कहने लगे कि – वृंदा मेरी परम भक्त है में उसके साथ छल नहीं कर सकता ।
फिर देवता बोले - भगवान दूसरा कोई उपाय भी तो नहीं है अब आप ही हमारी मदद कर सकते है।
भगवान ने जलंधर का ही रूप रखा और वृंदा के महल में पँहुच गये जैसे
ही वृंदा ने अपने पति को देखा, वे तुरंत पूजा मे से उठ गई और उनके चरणों को छू लिए,जैसे ही उनका संकल्प टूटा, युद्ध में देवताओ ने जलंधर को मार दिया और उसका सिर काट कर अलग कर दिया,उनका सिर वृंदा के महल में गिरा जब वृंदा ने देखा कि मेरे पति का सिर तो कटा पडा है तो फिर ये जो मेरे सामने खड़े है ये कौन है?
उन्होंने पूँछा - आप कौन हो जिसका स्पर्श मैने किया, तब भगवान अपने रूप में आ गये पर वे कुछ ना बोल सके,वृंदा सारी बात समझ गई, उन्होंने भगवान को श्राप दे दिया आप पत्थर के हो जाओ, और भगवान तुंरत पत्थर के हो गये।
सभी देवता हाहाकार करने लगे लक्ष्मी जी रोने लगे और प्रार्थना करने लगे यब वृंदा जी ने भगवान को वापस वैसा ही कर दिया और अपने पति का सिर लेकर वे
सती हो गयी।
उनकी राख से एक पौधा निकला तब
भगवान विष्णु जी ने कहा –आज से
इनका नाम तुलसी है, और मेरा एक रूप इस पत्थर के रूप में रहेगा जिसे शालिग्राम के नाम से तुलसी जी के साथ ही पूजा जायेगा और में
बिना तुलसी जी के भोग
स्वीकार नहीं करुगा। तब से तुलसी जी कि पूजा सभी करने लगे। और तुलसी जी का विवाह शालिग्राम जी के साथ कार्तिक मास में
किया जाता है.देव-उठावनी एकादशी के दिन इसे तुलसी विवाह के रूप में मनाया जाता है !

03/11/2022

देवउठनी एकादशी
इस साल 4 नवंबर 2022 को है। एकादशी तिथि 03 नवंबर को शाम 07 बजकर 30 मिनट से शुरू होगी, जो कि 04 नवंबर को शाम 06 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगी। देवउठनी एकादशी व्रत तोड़ने का शुभ समय 05 नवंबर को सुबह 06 बजकर 36 मिनट से सुबह 08 बजकर 47 मिनट तक है। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 05:06 पी एम तक है

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