03/10/2025
भोपाल की एक और गुलाबी शाम, अक्टूबर की गुलाबी सर्दियों का आगाज़ कर रही हैं। इस झील किनारे न जाने कितने साल बिताए हैं। बचपन से किशोर अवस्था और अब। मन उछल कर वहीं,उन यादों में पहुंच जाता है। वो दोस्तों के साथ साइकिल चलाना, सुबह टहलने आना। किशोर अवस्था में किसी से आकर्षित होना। बस अब केवल दृश्य रह गए हैं और यादें।