IPJ Association /इंडियन फोटोजर्नलिस्ट एसोसिएशन

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IPJ Association /इंडियन फोटोजर्नलिस्ट एसोसिएशन देश के जाने-माने फोटोजर्नलिस्ट साथियों का समूह

26/06/2026

कारनामो पर पश्चाताप,दिल्ली होती शानदार..

जब इन्हें कुछ नही मिला तो रामभक्तों पर आक्षेप कर रहे हैं,अयोध्या धाम को बदनाम कर रहे हैं.
एक दिल्ली से सज्जन अयोध्या आये हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें 15 वर्ष अवसर दिया,उन्होंने बर्बादी,भ्रष्टाचार के सिवा कुछ नही किया,मैं पूछना चाहूंगा,डबल इंजन की सरकार ने 9 वर्ष में अयोध्या को जो सवांरा है,देखें इस मॉडल को फिर अपने कारनामो पर पश्चाताप करो,अगर यही न्याय अयोध्या के साथ जो डबल इंजन की सरकार ने किया,अगर यही न्याय दिल्ली के साथ करते तो दिल्ली चमकती जैसे अयोध्या चमक रहां है.?

आप क्या सोच रहें,जादू ही है भाई ..😊☺️किसी ने इसे दिन दहाड़े लूट कहां तो बर्दाश्त नहीं होगा,यह तो जादू है जो ख़ुद वरिष्ठ ...
26/06/2026

आप क्या सोच रहें,जादू ही है भाई ..😊☺️

किसी ने इसे दिन दहाड़े लूट कहां तो बर्दाश्त नहीं होगा,यह तो जादू है जो ख़ुद वरिष्ठ नेता कर रहे हैं.

जादू नंबर एक

इथेनॉल से होने वाले तमाम नुकसानों के बावजूद ब्लेंडिंग लागू की गई, और इथेनॉल कारोबार से जुड़ी नितिन गडकरी के बेटे की कंपनी का रेवेन्यू 1 साल में ही 30 गुना मतलब 17 cr से 510 cr बढ़ गया।

जादू नंबर दो

मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने.मुख्यमंत्री बनते ही उनकी पत्नी,बहू,भाई,लड़के और तमाम रिश्तेदारों ने उज्जैन में ताबड़तोड़ ज़मीन ख़रीदी।सूत्रों के अनुसार कुल 168 एकड़ के 137 प्लॉट ख़रीदे गए
खास बात है कि यह सारी जमीन सरकारी प्रोजेक्ट के आस पास थीं।परिवार के पास हर उस जगह ज़मीन है जहां उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के अंतर्गत land use को बदला गया।परिवार को land use बदलने का भी खूब फायदा मिला।



नोट कंटेंटः सोशल मीडिया,IPH से कोई मतलब नहीं।

इंसाफ की आस लेकर थाने में बुजुर्ग,पैर पर पैर चढ़ाकर बैठी इंसाफ की देवी।बुजुर्ग को उम्मीद न्याय के बाद खोया सम्मान इसी दरब...
26/06/2026

इंसाफ की आस लेकर थाने में बुजुर्ग,पैर पर पैर चढ़ाकर बैठी इंसाफ की देवी।बुजुर्ग को उम्मीद न्याय के बाद खोया सम्मान इसी दरबार से वापस मिलेगा!

कक्षा 9 की किताब,आपातकाल चैप्टर पर एतबार..शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर,  ने पहली बार कक्षा 9 की किताब में आपातक...
25/06/2026

कक्षा 9 की किताब,आपातकाल चैप्टर पर एतबार..

शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर, ने पहली बार कक्षा 9 की किताब में आपातकाल चैप्टर को शामिल किया इसमें..

1.चैप्टर में इंदिरा गांधी द्वारा देश पर थोपी गयी इमरजेंसी और जेपी आंदोलन का जिक्र किया गया है।

2. NCERT ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में पहली बार 1975-77 के आपातकाल को शामिल किया है।

3.आजादी के बाद भारतीय लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण और विवादित दौरों में से एक माने जाने वाले इस अध्याय को अब विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।

25/06/2026

बहन बुलाकर लाएंगे,छेड़खानी मुकदमा लिखवाएंगे..
राजधानी के हसनगंज का वो थाना जहां पूर्व में अपराधियों से साठगांठ कर अपहरण करने के मामले में दरोगा- सिपाही जेल जा चुके है,वहीं इंस्पेक्टर पर गिरी थी निलंबन की गाज।एक बार फिर से पुलिस- अपराधियों की साठगांठ का मामला सामने हैं!
दबंगों ने पिस्टल के बल पर दूध कारोबारी को जमानत न लेने और रंगदारी न देने पर पीटा।शिकायत के बाद पुलिस ने 10 दिनों तक नहीं ली सुध।अब उलटे मुकदमा दर्ज करने की धमकियां दे रहे हैं.मामला मनकामेश्वर चौकी के इंचार्ज क्षेत्र का है.जहां शरीफ शख्स को अपराधी बनाने की कोशिश चल रही है?

कोई भी माता-पिता अपनी संतानों का विवाह अब जबरन नहीं कर रहा तो फिर पुणे की सिया ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या क्यो...
25/06/2026

कोई भी माता-पिता अपनी संतानों का विवाह अब जबरन नहीं कर रहा तो फिर पुणे की सिया ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या क्यों की,अब तो लिवइन में रहने का जमाना आ गया है!

बदलते समय को देखते हुए अब कोई भी माता-पिता इस स्थिति में नहीं है कि वह अपने बेटे-बेटी का विवाह अपनी मर्जी से जबरन कर दे।जब संतानों के विवाह की बात परिवार में चलती है तो सबसे पहले माता-पिता पूछते हैं कि आपको कोई पसंद है।बेटी से पूछा जाता है कि क्या उसे कोई लड़का पसंद हैं और बेटे से पूछा जाता है कि क्या उसे कोई लड़की पसंद है? जब पसंद के बारे में बता दिया जाता है तो माता-पिता स्वेच्छा से संतानों का विवाह कर देते है। कई मामलों में माता-पिता को पसंद न होने पर भी संतानों की इच्छा को प्राथमिकता दी जाती है। कोई भी माता-पिता अपनी संतानों की मर्जी के बगैर विवाह नहीं करता है। ऐसे में सवाल उठता है कि महाराष्ट्र के पुणे की सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या क्यों की? मालूम हो कि सिया ने पुणे के लोहागढ़ किले की पहाड़ी पर ले जाकर अपने मंगेतर को धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। सिया का प्रेमी चेतन चौधरी भी चाहता था कि केतन अग्रवाल रास्ते से हट जाए ताकि वह सिया के साथ विवाह कर सके। लेकिन सवाल उठता है कि चेतन चौधरी के साथ विवाह करने के लिए सिया ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या क्यों की? यदि सिया अपने माता पिता से कहती तो उसे चेतन चौधरी पसंद है तो सही मानिए माता पिता कभी भी सिया की सगाई केतन अग्रवाल से नहीं करते। सिया ने सहमति दी होगी तभी केतन अग्रवाल के साथ सगाई हुई।केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल महाराष्ट्र के जाने माने बिल्डर और प्रॉपर्टी कारोबारी हैं।केतन के दादा रामविलास अग्रवाल का कहना है कि सिया के परिवार से उनका 35 वर्ष पुराना रिश्ता है।सिया के व्यवहार को देखते हुए ही उन्होंने अपने पोते का संबंध किया था।यदि सिया और चेतन चौधरी के संबंधों की जानकारी हो जाती तो वे कभी भी अपने पोते की सगाई सिया के साथ नहीं करते। यदि सगाई के बाद भी सिया उनसे अपने प्रेम संबंधों का जिक्र करती तो वे स्वयं ही सिया को अपने पोते से अलग कर देते। सिया ने अपने प्रेमी के खातिर मेरे पोते की हत्या कर विश्वासघात किया है।

लिव इन का जमाना:

पूरे देश में केतन अग्रवाल की हत्या की चर्चा हो रही है। यह चर्चा तब हो रही है, जब भारत जैसे सनातन संस्कृति वाले देश में लिव इन में रहने की घटनाएं बढ़ रही है। यानी अब शहरों में युवक युवती बिना विवाह के एक साथ रह रहे हैं। चिंताजनक बात तो यह है कि अदालतों ने भी लिव इन को अपराध मानने से इंकार कर दिया है। यानी कोई युवक-युवती बिना विवाह के साथ रह रहे हें तो कोई आपत्ति नहीं है। चिंताजनक बात तो यह भी है कि माता पिता को भी पता होता है कि उनकी संतान लिव इन में रह रही है। अनेक माता पिताओं की मजबूरी है कि इस अनैतिक कृत्य पर चुप रहते हैं। भारत जैसे देश में जब लिव इन का प्रचलन हो रहा है, तब सिया गोयल द्वारा अपने मंगेतर की हत्या करना आश्चर्य की बात है!

दुष्साहस की पराकाष्ठा,सहयोग से इंकार..श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने PMO को भी वित्तीय ब्योरा देने से चंपत राय बंसल ने DM को भी...
25/06/2026

दुष्साहस की पराकाष्ठा,सहयोग से इंकार..

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने PMO को भी वित्तीय ब्योरा देने से चंपत राय बंसल ने DM को भी इंकार कर दिया है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और देश के शीर्ष प्रशासनिक हलकों के बीच एक अभूतपूर्व गतिरोध सामने आया है। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बंसल ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से मांगे गए वित्तीय विवरण को देने से साफ इनकार कर दिया है।

इस कदम को प्रशासनिक हलकों में बेहद आक्रामक रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि ट्रस्ट ने न केवल जिला मजिस्ट्रेट (DM) बल्कि परोक्ष रूप से पीएमओ के निर्देश को भी ठेंगा दिखा दिया है।

क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत स्थानीय भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह की एक शिकायत से हुई। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर मांग की थी कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक के:

आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा

भक्तों द्वारा दिए गए दान का विवरण

ट्रस्ट के सभी बैंक खातों की जानकारी

जमीन के लेन-देन और ट्रस्ट की कुल संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए।

शिकायत की संवेदनशीलता को देखते हुए, पीएमओ ने इस पत्र को तत्काल कार्रवाई और रिपोर्ट के लिए स्थानीय जिला प्रशासन (अयोध्या डीएम) को संदर्भित (Refer) कर दिया।

ट्रस्ट का रुख: SIT जांच की आड़
जब जिला प्रशासन ने पीएमओ के निर्देश पर ट्रस्ट से इन वित्तीय दस्तावेजों और ब्योरे की मांग की, तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया। चंपत राय ने जिला प्रशासन को वित्तीय जानकारी सौंपने से साफ मना कर दिया।

चंपत राय का तर्क: ट्रस्ट ने इस इनकार के पीछे वर्तमान में चल रही विशेष जांच दल (SIT) की जांच का हवाला दिया है। उनका कहना है कि मामला पहले से ही जांच के अधीन है, इसलिए इस मोड़ पर वित्तीय विवरण साझा नहीं किए जा सकते।

खड़े हो रहे हैं कई गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने राम मंदिर के वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। एक पेशेवर और राजनीतिक दृष्टिकोण से इसके कई गंभीर निहितार्थ हैं:

सवाल प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव
पारदर्शिता पर वार देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और गाढ़ी कमाई के दान से बने इस ट्रस्ट की जवाबदेही क्या किसी भी सरकारी या प्रशासनिक निकाय के प्रति नहीं है?

प्रशासनिक टकराव क्या कोई धार्मिक ट्रस्ट देश के सर्वोच्च कार्यालय (PMO) और स्थानीय प्रशासन (DM) के समन्वय से ऊपर हो सकता है?

SIT जांच का बहाना? जानकारों का मानना है कि SIT जांच का हवाला देकर ब्योरा छिपाना, पारदर्शिता के सिद्धांतों के खिलाफ है। जांच के दौरान भी प्रशासनिक अधिकारियों को तथ्य उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है।

साख पर दांव
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों ने पहले ही ट्रस्ट की छवि को प्रभावित किया था, और अब पीएमओ की पहल पर भी जानकारी देने से इनकार करना आग में घी डालने जैसा है। चंपत राय बंसल के इस अड़ियल रुख के बाद अब गेंद वापस जिला प्रशासन और पीएमओ के पाले में है। देखना यह होगा कि क्या शासन इस "दुष्साहस" पर कोई सख्त रुख अपनाता है या फिर आस्था के नाम पर वित्तीय गोपनीयता का यह खेल यूं ही चलता रहेगा ।

वही विश्वस्त सूत्रों की माने तो एस आई टी के गठन हो जाने के बाद बीजेपी नेता रजनीश सिंह शिकायत की थी,एस आई टी जांच के दौरान प्रशाशनिक अधिकारियो जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी के अभिलेख मांगने पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा होना स्वाभाविक है!

कंटेंटः रंजीत सिंह राठौर

25/06/2026

श्री राम मंदिर में चढ़ावा कांड पर यूपी के अमरोहा में गोविष्टी यात्रा के दौरान हसनपुर गांव पहुंचे शंकराचार्य बोले- वहीं चोरी करे और जांच भी वहीं करें कैसे संभव है!
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर कहां-ये फार्मूला कहां से आया। जब वहां पहले से व्यवस्था में उत्तर प्रदेश और केन्द्र की सरकार लगी हुई है तो जांच वही क्यों करेंगे ? जब चोरी हो गई तो जांच तो वह करेगा ना जो उस पक्ष में पहले से ना हो,निष्पक्ष हो। वहां कोई संतों का मंदिर संचालन तो है नहीं, वो तो केन्द्र और राज्य सरकार का मिला-जुला उपक्रम है। जब सरकार वहां व्यवस्था में है,चोरी हुई है तो सरकार कैसे जांच करेगी।कैसे SIT बनायेगी। उससे क्या न्याय की उम्मीद होगी।इससे तो साफ है कि जांच कमेटी के नाम पर लीपापोती की जा रही है।

25/06/2026

श्रीराम का खड़ाऊँ,कौन ले गया..
अयोध्या मंदिर चढ़ावा कांड,आप सांसद संजय सिंह कमिश्नर विजय विश्वास पंत से मिलकर बाहर निकले तो मीडिया ने घेर लिया और सवाल पूछने लगें।

अयोध्या में जमीन खरीद में गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेजों सौंपे संजय सिंह बोले
बहुत बड़ा भ्रष्टाचार और घोटाला हुआ है।
अयोध्या की सीट के अध्यक्ष को सुबूत सौंप दिए जा चूके हैं.SIT अध्यक्ष ने आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया हैं.अयोध्या की जमीनें कहां पर खरीदी गई है इसकी भी जांच होनी चाहिए.दान पत्र चोरी के मामले में रोज नए सवाल खड़े हो रहे हैं.श्री राम की पादुका और हार सबकुछ चोरी कर लिया।चढ़ावे में चोरी के पैसों की बरामदगी के बाद भी अब तक FIR क्यों नहीं हुई जांच का विषय हैं.


25/06/2026

सिंधी समाज,मांगे प्रमाण..
अयोध्या चढ़ावा कांड अब बकायदा सिंधी समाज ने वीडियो जारी कर के कहां उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 200 किलोग्राम चांदी की ईंटें भेंट की थीं। समाज के प्रतिनिधि इन ईंटों के बारे में जानकारी मांग रहे हैं।दान की गई चांदी की ईंटें वर्तमान में कहां हैं?

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