10/12/2024
धुलाई या प्रकीर्णन ??
पानी की वो बौछारें सूरज की किरण पर पड़ते ही मानो हीरे के टुकड़ों जैसे टूट के बिखर जा रही थी। मैने उसे पकड़ के इकट्ठा करने की जगह उसे अपने तस्वीर में ही कैद करना ज्यादा आसान समझा। आपको कैसा लगा...