28/07/2026
*गुलामी की मानसिकता नहीं, आत्मसम्मान और नेतृत्व की आवश्यकता है*
कुछ लोग यह मानते हैं कि समाज के नाम पर बने संगठन केवल विरोध की राजनीति करते हैं। हमारा मानना इससे अलग है। पासी समाज किसी जाति, पंथ या राजनीतिक दल के विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपने सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए संगठित हुआ है।
पासी समाज भगवान बुद्ध, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा अपने राष्ट्ररक्षक महापुरुषों—महाराजा सुहेलदेव पासी, महाराजा बिजली पासी, वीरांगना माता ऊदा देवी पासी और बाबू मसूरिया दीन पासी—के आदर्शों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहा है। इन महापुरुषों ने आत्मसम्मान, संघर्ष, शिक्षा, संगठन और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाया।
*इतिहास गवाह है कि जब भी कोई विचार, दल या व्यवस्था अपने मूल उद्देश्य से भटक जाती है और समाज को दिशा देने में असफल होती है, तब नया नेतृत्व और नई विचारधारा जन्म लेती है। इसी सोच के साथ पब्लिक अधिकार सोशलिस्ट इंडियन पार्टी (P.A.S.I. – पासी पार्टी) समाज के सम्मान, अधिकार और भागीदारी की राजनीति को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।*
हमारा उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य नहीं, बल्कि समाज को शिक्षित, संगठित, समृद्ध और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है। आज आवश्यकता है कि हम आपसी मतभेदों से ऊपर उठें, गुलामी की मानसिकता को त्यागें और कंधे से कंधा मिलाकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें जिसकी सत्ता और व्यवस्था में सम्मानजनक भागीदारी हो।
आइए, शिक्षा, संगठन, आत्मसम्मान और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर एक नए सामाजिक और राजनीतिक भविष्य का निर्माण करें।
पब्लिक अधिकार सोशलिस्ट इंडियन पार्टी (P.A.S.I.) पार्टी।