20/09/2025
दोहा
राजिव नयन धरे धनु सायक।
भगत बिपति भंजन सुखदायक॥
अर्थ
रामायण के इस दोहे में हम भगवान राम का गुणगान करते हैं जो अपने भक्तों की परेशानियों को दूर करते हैं और उनका जीवन खुशियों से भर देते हैं।
संदेश
भगवान हमेशा हमारी समस्याओं को हल करते हैं और हमारे चेहरे पर मुस्कान लाते हैं। हमें हमेशा भगवान को धन्यवाद करना चाहिए।