01/08/2022
हिंदी में कम था कि अब विरोधियो को संस्कृत में भी गरियाने लगें 😂😂😂😂😂 #व्यंग
अंगेन गात्रं नयनेन वक्त्रं, न्यायेन राज्यं लवणेन भोज्यम्॥
अर्थात्, जैसे विभिन्न अंगों से शरीर की, आँखों से चेहरे की और नमक से खाने की सार्थकता पूरी होती है
श्रोत :- Pib. Gov. In
न अक्षर का उच्चारण हुआ है ।।
लवणेन - नमक को बताया गया है।
ये संस्कृत श्लोक है। भाषा की क्षेत्रीय विविधता तथा एक्सेंट का प्रभाव है।