27/02/2026
#शहादत_ए_खेजड़ी
बीकानेर महापड़ाव में अनशन से बीमार हुए श्री तेजाराम जी सियाक पुत्र श्री गुड्डूराम फतेहसागर पीलवा, लोहावट ने आज खेजड़ी बचाने आंदोलन के निमित 25दिन से जीवन मरण से संघर्ष करते हुए इलाज के दौरान प्राण त्याग दिए।
मैने योगगुरु लालदास जी के स्वास्थ की जानकारी लेने AIIMS hospital में गया तब लिखा था कि अनशन तीस घंटे और चलता तो 537 में से 400 लोग प्राण त्याग देते।
उनमें से एक थे तेजाराम जी एकदम स्वस्थ थे, 75साल की उम्र भी स्वस्थ थे। जम्भेश्वर भगवान के इतने भक्त थे कि हर साल पैदल मुकाम जाते थे। इस बार महापड़ाव और अनशन का सुनकर किसी गाड़ी में नही अपितु बस से बिकानेर गए। अनशन पर बैठ गए। पानी की कमी से बीमार पड़े, बीकानेर में समाज के लोगो ने एडमिट करवाया। फिर घर आ गए।यहां लोहावट और पीलवा मे ट्रीटमेंट चलता रहा। मगर किडनी फंक्शन पुरी तरह से कवर नही हुए, कल जोधपुर लेकर गए, जहां प्राण त्याग दिए।।
खेजड़ी के लिए जुनून इतना था कि हर कोइ शाके को आतुर थे, बहुत मुश्किल हालात मे इन जिद्दी पर्यावरण दीवानों को अनशन तुड़वाया था।
गुरु जम्भेश्वर भगवान की शिक्षा के लिए, वन्य जीवों की रक्षा के लिए शिकारियों से लड़ते हुए कई बार शहादत देने की खबर तो सभी सुनते ही है।
मगर खेजड़ी बचाने के लिए यह शहादत एक लम्बे अर्से के बाद देखी है।
2फरवरी को अनशन पर बैठे पूज्य तेजाराम सियाग ने आज 25 दिन बाद प्राण त्याग दिए। तेजाराम जी पीछे उनका भरा हरा परिवार है चार बेटे है।
भगवान #पर्यावरणप्रेमी_बिश्नोई_रत्न_श्रीतेजाराम_जी की आत्मा को शांति प्रदान करे, इनका परिवार न केवल मेरे अपितु संपूर्ण बिश्नोई समाज और समस्त पर्यावण प्रेमियों के श्रद्धेय है, संवेदनाओ के सुपात्र है।
सादर नमन।