05/02/2024
एक खलिश अब भी मुझे बेचैन करती है
फ़राज़
, 🙈
सुनके मेरे मरने की खबर वो रोया क्यूँ था। 🙈😎🤐🌥
जब खिजां आएगी तो लौट आएगा वो भी, 😲
वो बहारों में जरा कम ही निकला करता है। 🙂☀️🙌🌈
ज़िक्र उसका ही सही बज़्म में बैठे हो
फ़राज़
, 🙏
दर्द कैसा भी उठे हाथ न दिल पर रखना। 😲🌈🤐🙈
लोग तो मजबूर हैं मरेंगे पत्थर, 🌼
क्यूँ न हम शीशों से कह दें टूटा न करें। 💐🙈🤐🥺
जब्त-ए-ग़म कोई आसान काम नहीं
फ़राज़
, 😲
आग होते है वो आँसू जो पिए जाते हैं। 🌷😎💐😎
देखा मुझे तो तर्क-ए-तअल्लुक़ के बावजूद, 🙈
वो मुस्कुरा दिया ये हुनर भी उसी का था। 😊👌🌺💐
मेरे सब्र की इन्तेहाँ क्या पूछते हो
फ़राज़
, 🙏
वो मेरे सामने रो रहा है किसी और के लिए। ☀️🙏😎🙃
किसी बेवफ़ा की खातिर ये जुनूँ
फ़राज़
कब तक, 🌷
जो तुम्हें भुला चुका है उसे तुम भी भूल जाओ। 🌷🤐🙂🌼
कितना आसाँ था तेरे हिज्र में मरना जाना, 🥺
फिर भी इक उम्र लगी जान से जाते-जाते। 🥺💐🥺🌥
मेरे जज़्बात से वाकिफ है मेरा कलम
फ़राज़
, 🙂
मैं प्यार लिखूं तो तेरा नाम लिख जाता है। 👌🌼🌷☀️
कोई मुन्तजिर है उसका कितनी शिद्दत से
फ़राज़
, 😎
वो जानता है मगर अनजान बना रहता है। 🙂🙈🌷☀️
क्यों उलझता रहता है तू लोगों से
फ़राज़
, 🌻
जरूरी तो नहीं वो चेहरा सभी को प्यारा लगे। 😊🙂🤐👌
किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम, 🙈
तू मुझसे खफा है तो ज़माने के लिए आ। 🌺🌥🙃👌
तुम तकल्लुफ को भी इख्लास समझते हो
फ़राज़
, ☀️
दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला। 😊🥺☀️🥺
आने लगी थी उसकी ज़बीं पर शिकन
फ़राज़
, 💐
इज़हार-ए-इश्क़ करके मुकरना पड़ा मुझे। 😲🌈🌻🤐
इस दफा तो बारिशें रूकती ही नहीं
फ़राज़
, 🙃
हमने आँसू क्या पिए सारे मौसम रो पड़े। 🤐💐🌺🌺
इन बारिशों से दोस्ती अच्छी नहीं
फराज
, 🥺
कच्चा तेरा मकाँ है कुछ तो ख्याल कर। 🌼🙏👌🌻
- via bobble.in/shayaris