27/10/2022
फिर से स्थापित हो रहा निषाद समाज का गौरव और सम्मान।
दीपोत्सव के दौरान श्री अयोध्या जी में निर्मित निषादराज द्वार त्रेतायुग को जीवंत करने के साथ-साथ अयोध्या धाम की भव्यता को भी बढ़ा रहे हैं।
निषाद समाज के सम्मान और उसकी पहचान दोनों को नए आयाम देते इस प्रयास के लिए आदरणीय श्री MYogiAdityanath जी का हार्दिक आभार!