18/08/2026
पासी समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी पर अब गंभीर सवाल उठना चाहिए!
भाजपा हो या सपा—आखिर उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के संगठन में पासी समाज को उसकी संख्या और राजनीतिक योगदान के अनुरूप बड़ी जिम्मेदारियाँ क्यों नहीं मिलतीं?
पासी समाज लंबे समय से राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाता आया है। चुनाव के समय हर दल पासी समाज के समर्थन की उम्मीद करता है, लेकिन जब संगठन में प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय पदाधिकारी, महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ या सरकार में प्रभावशाली मंत्रालय देने की बात आती है, तो प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम क्यों दिखाई देता है?
सवाल किसी एक पार्टी से नहीं, सभी राजनीतिक दलों से है।
अगर पासी समाज का वोट महत्वपूर्ण है, तो पासी समाज की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
हमें केवल चुनाव के समय याद करने की राजनीति नहीं, बल्कि संगठन, सत्ता और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सम्मानजनक हिस्सेदारी चाहिए।
पासी समाज को किसी पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के पक्ष में जागरूक होना होगा।
आने वाले चुनावों में समाज को अपने मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और राजनीतिक दलों से स्पष्ट सवाल पूछना चाहिए—
हमारी आबादी के अनुपात में संगठन में कितनी जिम्मेदारी?
सरकार में कितनी भागीदारी?
निर्णय लेने वाली जगहों पर हमारी कितनी आवाज?
अब समय है कि पासी समाज अपनी राजनीतिक ताकत को समझे और शिक्षा, रोजगार, सम्मान, संगठनात्मक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल करे।
16–20% पासी समाज की जनसंख्या उत्तरप्रदेश मे है,समाज का राजनीतिक योगदान है, उसे सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
अब सवाल भी होगा, जवाब भी होगा।
पासी समाज जागेगा, अपने अधिकार के लिए आवाज उठाएगा।
✊ एकता • सम्मान • अधिकार • प्रतिनिधित्व
महाराजा लाखन पासी अमर रहे,
महाराजा कंसा पासी अमर रहे,
महाराजा सुहेलदेव पासी अमर रहे!
PMO India Akhilesh Yadav MYogiAdityanath
#लाखन_आर्मी_राष्ट्रीय_अध्यक्ष
#सूरज_पासी