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Diwali Decoration

04/02/2020

दहेज को कैसे रोका जा सकता है ? (How to stop it ?)

दहेज प्रथा जैसी रुढ़िवादी नीतियों को, निम्न तरीके को अपना कर ख़त्म भी किया जा सकता है –

*महिलाओं को सशक्त करना :-

कई बार होता है कि क्रूरता सहने वाली महिलाये अपना दर्द किसी से नहीं बाँटती और न ही इसके खिलाफ आवाज उठाती हैं. जिससे ऐसे अपराध करने वाले व्यक्ति आसानी से खुले-आम घुमते रहते हैं. इनके लिए बनाये गये कानून का भी इन पर कोई असर नहीं होता. लेकिन महिलाओं को इसके प्रति जागरूक करना बहुत जरुरी है. उन्हें खुद के लिए लड़ना होगा, तभी ऐसे अपराधों में कमी आयेगी.छात्रों को इसके लिए

*शिक्षित करना :- दहेज की व्यवस्था के खिलाफ अभियान के लिए ठोस और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता होती है. इसके लिए शुरुआत स्कूलों एवं कॉलेजों से होनी चाहिए, जिनमे छात्र समुदाय को दहेज प्रणाली की बुराइयों के खिलाफ उचित रूप से शिक्षित किया जाना चाहिए. और उन्हें यह समझाना चाहिए कि उन्हें अपने संभावित पति / पत्नी से दहेज का लेनदेन नहीं करना है.

*लव मैरिज को बढ़ावा देना :- एक तरफ जहाँ लव मैरिज को बढ़ावा देने से जाति व्यवस्था को ख़त्म करने में मदद मिलेगी, तो वहीं दूसरी ओर यह दहेज जैसी प्रथा को डस्टबिन में फेंकने में भी मदद करेगी.

*जागरूकता फैलाना :- कानूनी सहायता शिविर आयोजित करके और पीड़ितों को परामर्श देने के साथ दहेज प्रणाली को खत्म करने के सन्देश फ़ैलाये जा सकते हैं. इसके साथ – साथ आम जनता के बीच इस दहेज प्रणाली के खिलाफ जागरूकता फ़ैलाने की भी आवश्यकता है.

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नयन मिश्रा

21/01/2020

Philosophy के एक professor ने कुछ चीजों के साथ class में प्रवेश किया. जब class शुरू हुई तो उन्होंने एक बड़ा सा खाली शीशे का जार लिया और उसमे पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े भरने लगे. फिर उन्होंने students से पूछा कि क्या जार भर गया है ? और सभी ने कहा “हाँ”.

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तब प्रोफ़ेसर ने छोटे-छोटे कंकडों से भरा एक box लिया और उन्हें जार में भरने लगे. जार को थोडा हिलाने पर ये कंकड़ पत्थरों के बीच settle हो गए. एक बार फिर उन्होंने छात्रों से पूछा कि क्या जार भर गया है? और सभी ने हाँ में उत्तर दिया.


तभी professor ने एक sand box निकाला और उसमे भरी रेत को जार में डालने लगे. रेत ने बची-खुची जगह भी भर दी. और एक बार फिर उन्होंने पूछा कि क्या जार भर गया है? और सभी ने एक साथ उत्तर दिया , ” हाँ”

फिर professor ने समझाना शुरू किया, ” मैं चाहता हूँ कि आप इस बात को समझें कि ये जार आपकी life को represent करता है. बड़े-बड़े पत्थर आपके जीवन की ज़रूरी चीजें हैं- आपकी family,आपका partner,आपकी health, आपके बच्चे – ऐसी चीजें कि अगर आपकी बाकी सारी चीजें खो भी जाएँ और सिर्फ ये रहे तो भी आपकी ज़िन्दगी पूर्ण रहेगी.

ये कंकड़ कुछ अन्य चीजें हैं जो matter करती हैं- जैसे कि आपकी job, आपका घर, इत्यादि.

और ये रेत बाकी सभी छोटी-मोटी चीजों को दर्शाती है.

अगर आप जार को पहले रेत से भर देंगे तो कंकडों और पत्थरों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी. यही आपकी life के साथ होता है. अगर आप अपनी सारा समय और उर्जा छोटी-छोटी चीजों में लगा देंगे तो आपके पास कभी उन चीजों के लिए time नहीं होगा जो आपके लिए important हैं. उन चीजों पर ध्यान दीजिये जो आपकी happiness के लिए ज़रूरी हैं.बच्चों के साथ खेलिए, अपने partner के साथ dance कीजिये. काम पर जाने के लिए, घर साफ़ करने के लिए,party देने के लिए, हमेशा वक़्त होगा. पर पहले पत्थरों पर ध्यान दीजिये – ऐसी चीजें जो सचमुच matter करती हैं . अपनी priorities set कीजिये. बाकी चीजें बस रेत हैं.”

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