17/11/2025
फासले लिखे थे बहुत, लेकिन यादों ने नज़दीकियां बनाई रखी।
इन यादों ने सिर्फ फासले नहीं मिटाएँ, एक मुस्कुराहट भी बनाई रखी।
आसान होता नहीं है ये सफर सबके लिए, लेकिन हम खुश नसीब हैं शायद, चाकरी के मारे हो कर भी, सावन के सवालों का जवाब दे पाते हैं ।
तेरे बिना ♥️