Manavta Ke Hitaishi

Manavta Ke Hitaishi Humanities, Moralities,Good Messege, change the Society.

07/10/2022
Dusron ke baare me ghalat anumaan lagaane se bacho,kyunki ghalat anumaan sabse jhuthi baat hai.(HAZARAT MUHAMMAD S.A.W)(...
04/10/2022

Dusron ke baare me ghalat anumaan lagaane se bacho,kyunki ghalat anumaan sabse jhuthi baat hai.
(HAZARAT MUHAMMAD S.A.W)
(BUKHARI 5143)

रास्ते में किसी नुक़सान देने वाली वस्तु को हटाना भी एक पूण्य कर्म है।(सही बुख़ारी-2989)
16/09/2022

रास्ते में किसी नुक़सान देने वाली वस्तु को हटाना भी एक पूण्य कर्म है।(सही बुख़ारी-2989)

07/08/2022

*हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई – क्या वाकई भाई भाई?*

दोस्तों! हम सब में से हर किसी ने जीवन में कभी ना कभी ये नारा ज़रूर सुना होगा: “हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई, आपस में हैं भाई भाई”!

ये अपने आप में सांप्रदायिक सद्भावना का बेहतरीन नारा मालूम होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसकी हकीकत क्या है, और इसकी बुनियाद क्या हो सकती है?

वैसे तो आम तौर पर हम कह सकते हैं कि लोगों के बीच फैली हुई नफरतों को खत्म करने और सांप्रदायिक सद्भावना के लिए ये नारा दिया गया होगा, और हो सकता है कि यही बात हकीकत भी हो, कि समाज में फैली नफरतों को दूर करने के लिए ये नारा दिया गया हो, लेकिन मैं इसके शाब्दिक अर्थ और फैक्ट पर बात करना चाहता हूं, क्या हम इसे सिर्फ एक सद्भावना युक्त जुमला समझें, या इसमें कही बात की कोई बुनियादी हकीकत भी है? इस पर आज मैं अपने विचार आपके सामने रखना चाहूंगा, जो कुछ इस नारे के बारे में मैंने समझा है, तो ज़रा गौर करें:

देखिए दोस्तों! हकीकी तौर पर सच्चे भाई कौन होते हैं? वे जिन्हें समाज में भी भाई होने की मान्यता प्राप्त हो। वो वही होते हैं, जिनके माता पिता एक होते हैं, जो एक ही माता पिता की संतान होते हैं, जिन्हें हम खून के रिश्ते का भाई कहते हैं। इसी तरह जब उन में से और नस्लें आती हैं, तो वो भी भाईयों की ही तरह एक दूसरे से खून के रिश्ते से जुड़े होते हैं, यानी एक माता पिता के बच्चों में से जो नस्लें आगे आती जाएंगी, वो भी आपस में खूनी भाई होंगे। तो दोस्तों! क्या यहां भी वही सिद्धांत तो कार्य नहीं करता, जिसको हम भुला चुके हों? और इस नारे को हम केवल एक सद्भावना से युक्त जुमला समझ कर दोहराते हों। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मेरे विचार में यही बात सत्य है, हम कभी इसकी गहराई में नहीं उतरे। मैं चूंकि सांप्रदायिक सद्भावना की बात कर रहा हूं, इसलिए यहां भी धार्मिक मान्यताओं को ही अपनी बात की बुनियाद बनाऊंगा।

हिन्दू धर्म में तमाम मानवजाति को एक ही माता पिता की संतान बताया गया है, हिन्दू भाई उन्हें मनु और शतरुपा के नाम से जानते हैं, इसी मनु शब्द से मनुष्य बना है, और शतरुपा का अर्थ होता है सैंकड़ों रूप देने वाली। मुस्लिमों का आम विश्वास है कि समस्त मानवजाति आदम और हव्वा की संतान हैं, इसी आदम शब्द से आदमी बना है! ये अंतर भाषाओं की बुनियाद पर हो सकते हैं, लेकिन आम आस्था वही है कि समस्त मानवजाति के माता पिता एक ही हैं! बल्कि इससे काफी मिलता जुलता नाम हिन्दू धार्मिक ग्रंथ भविष्य पुराण में आता है, जिसमें समस्त मानवजाति के माता पिता को आदिम और हव्यवति बताया गया है, ये नाम तो भाषाओं के आधार पर काफी मिलते जुलते अपभ्रंश मालूम होते हैं। उन्हीं समस्त मानवजाति के माता पिता को ईसाईयों में एडम और ईव कहा जाता है। तो यहां ये समझना मुश्किल नहीं होना चाहिए कि बात असल में हर जगह इसी की चल रही है कि समस्त मानवजाति एक माता पिता की संतान हैं, अर्थात् एक परिवार है! इसी को हिन्दू भाईयों के यहां “वासुधेव कुटुंबकम” के नाम से जाना जाता है, अर्थात् समस्त मानवजाति एक परिवार है!

पवित्र क़ुरआन में है: लोग एक ही समुदाय थे, (उन्होंने विरोधाभास किया) तो अल्लाह ने पैगम्बरों को भेजा, ख़ुश-ख़बरी सुनाने वाले और डराने वाले बनाकर, और उनके साथ किताब उतारी सत्य के साथ; ताकि वह फ़ैसला कर दे लोगों के मध्य, उन बातों का जिनमें वे विरोधाभास कर रहे हैं, ★क़ुरआन (2:213)

तो अब हमें इस नारे की सच्ची बुनियाद और हकीकत पता चल गई, कि ये महज़ एक जुमला नहीं, बल्कि परम सत्य है कि किस प्रकार हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई आपस में भाई भाई हैं। यदि लोग इस सत्य को पहचान लें तो आपसी मतभेद काफी हद तक कम हो जाएंगे। फिर एक भाई का जज़्बा पैदा होगा, तो लोग एक दूसरे को सत्य बात प्रेम से बताएंगे, नफरत में या नीचा दिखाने के लिए नहीं बल्कि उसको अपना भाई समझते हुए उसके मार्गदर्शन के लिए बताएंगे। और जब आपसी विचारों का आदान प्रदान होगा, तो प्रेम तो पैदा होगा ही, साथ ही सबको साथ लेकर सत्य और सफलता तक पहुंचने के नए अवसर भी हाथ आएंगे। बस यहीं अपनी बात को खत्म करता हूं, ईश्वर से प्रार्थना है कि वह सत्य की ओर हमारा मार्गदर्शन करे।*

Address

Hazaribagh
825301

Telephone

+919031381195

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Manavta Ke Hitaishi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share