05/11/2025
[अंतरा 1] असम की एक मिट्टी में एक माँ ने कलाकार को जन्म दिया धूप-छाँव में पलती उसकी कह सुरों से उसने जीवन सिया
उसके गीतों में बरखा गाए बांसुरी से पवन मुस्काए हर कोने में गूंजे वो धुन जैसे धरती ने अम्बर को हुआ