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ज़िंदगी....(Let's walk through my lens in the street of Chandni chowk).....Travel Street storytelling documentary Chandn...
27/03/2026

ज़िंदगी....

(Let's walk through my lens in the street of Chandni chowk).....

Travel Street storytelling documentary Chandni chowk

Chhath Puja in Varanasi🌞छठ पूजा भारतीय संस्कृति का एक अद्भुत और पवित्र पर्व है, जो सूर्य देव और छठी मइया को समर्पित होता...
27/10/2025

Chhath Puja in Varanasi🌞

छठ पूजा भारतीय संस्कृति का एक अद्भुत और पवित्र पर्व है, जो सूर्य देव और छठी मइया को समर्पित होता है। यह त्योहार मुख्यतः बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है।

छठ पूजा का मूल उद्देश्य सूर्य देव की उपासना कर उनके आशीर्वाद से जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य, समृद्धि और संतुलन पाना है।

इस व्रत में महिलाएँ निर्जला उपवास रखती हैं, नदी या घाट के किनारे उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी प्रतीक है।

छठ में स्वच्छता, संयम और आत्मशुद्धि का गहरा महत्व होता है — यह मन, तन और आत्मा को एक अद्भुत शांति से भर देता है।
❤️

- "वक़्त..."भगवान को दिया गया वक्त कभी भी व्यर्थ नहीं जाता— मुझे लगता भगवान सब देख रहा है, मेरी प्रार्थना, मेरी तकलीफ और ...
23/10/2025

- "वक़्त..."

भगवान को दिया गया वक्त कभी भी व्यर्थ नहीं जाता— मुझे लगता भगवान सब देख रहा है, मेरी प्रार्थना, मेरी तकलीफ और मेरे कर्म भी।

कभी कभी लगता है मेरी बात शायद उन तक पहुंच ही नहीं रही है चाहे जितनी भी कोशिश कर लूं जवाब कही खो सा जाता है... पर अंदर से एक आवाज आती है "वक्त लगेगा परंतु सब ठीक होगा"...

मैं बस धैर्य रखकर, अपने कर्म करते हुए उनके सुनने का प्रतीक्षा कर रहा हूं...

-"मासूमियत..."“मासूमियत” में एक अजीब सी सुकून भरी ताक़त होती है… जैसे धूप की पहली नरम किरण चेहरे को छूती है। वो मासूम हं...
15/10/2025

-"मासूमियत..."

“मासूमियत” में एक अजीब सी सुकून भरी ताक़त होती है… जैसे धूप की पहली नरम किरण चेहरे को छूती है। वो मासूम हंसी, जो बिना किसी वजह के खिल उठती है, वो आँखें जो बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ बयां कर जाती हैं।

मैंने महसूस किया है, जब दिल में कोई चालाकी नहीं होती, तो ज़िंदगी भी जैसे और सच्ची लगती है।

मासूमियत किसी नर्म बादल की तरह है — हल्की, सच्ची और दिल को छू जाने वाली। शायद असली ख़ूबसूरती इसी में छुपी है… बिना किसी दिखावे के सच्चा होना।

-" बेफ़िक्री..."© Savishesh Mishra
12/10/2025

-" बेफ़िक्री..."

© Savishesh Mishra

-"तजुर्बा...""हाथ की लकीरें मेहनत बया करती है, और चेहरे की तजुर्बा..."
11/10/2025

-"तजुर्बा..."

"हाथ की लकीरें मेहनत बया करती है, और चेहरे की तजुर्बा..."

- "मैं और बनारस..."© Savishesh Mishra                ❤️
09/10/2025

- "मैं और बनारस..."
© Savishesh Mishra
❤️

-"Delhi-2025"Gazipur flower Mandi गाज़ीपुर फूल मंडी — जब मैं पहली बार वहाँ पहुँचा, तो लगा जैसे खुशबूओं का कोई संसार खुल ...
05/10/2025

-"Delhi-2025"

Gazipur flower Mandi

गाज़ीपुर फूल मंडी — जब मैं पहली बार वहाँ पहुँचा, तो लगा जैसे खुशबूओं का कोई संसार खुल गया हो। चारों तरफ़ गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा और चमेली की महक ने मुझे घेर लिया।

मैं उन रंग-बिरंगे फूलों के बीच खो गया था — हर रंग जैसे अपनी कहानी कह रहा था। मुझे लगा, ये सिर्फ़ फूल नहीं हैं, ये लोगों की भावनाएँ हैं — किसी की पूजा के लिए, किसी की शादी के लिए, तो किसी की विदाई के लिए।

हर डंडी पर एक एहसास लटका था। मंडी की भीड़, आवाज़ें, और फूलों से लदे ठेले — सब मिलकर एक अजीब-सा सुकून दे रहे थे।

मैंने कैमरा उठाया, तो लगा जैसे हर तस्वीर खुद मुझसे कुछ कहना चाहती है। गाज़ीपुर मंडी में सिर्फ़ फूल नहीं बिकते, वहाँ हर सुबह “ज़िंदगी” नई खुशबू के साथ खिलती है...
© Savishesh Mishra

-"छलांग..."© Savishesh Mishra
04/10/2025

-"छलांग..."

© Savishesh Mishra

-"आस्था"आस्था कोई शब्दों में बाँधने वाली परिभाषा नहीं है, यह तो आत्मा की गहराई में बसा हुआ एक सुकून है। यह वह यकीन है जो...
03/10/2025

-"आस्था"

आस्था कोई शब्दों में बाँधने वाली परिभाषा नहीं है, यह तो आत्मा की गहराई में बसा हुआ एक सुकून है। यह वह यकीन है जो हमें अंधेरे रास्तों पर भी रोशनी दिखाता है और टूटे हुए पलों में हमें संभालता है।

आस्था किसी मंदिर या मस्जिद की दीवारों में कैद नहीं, बल्कि हमारे भीतर का विश्वास है—वह विश्वास जो हर तूफ़ान में कहता है, “सब ठीक होगा।” यह माँ की गोद जैसा भरोसा है, जहाँ डर मिट जाता है और मन शांत हो जाता है।

जब ज़िंदगी सवाल बनकर सामने खड़ी हो जाती है, तब आस्था ही जवाब बन जाती है। यह हमें धैर्य देती है, साहस देती है और सबसे बढ़कर सुकून देती है। आस्था अनदेखी शक्ति है, जो हमें हर मुश्किल से पार करवाती है।

यह केवल पूजा या प्रार्थना नहीं, बल्कि दिल का वह रिश्ता है, जो इंसान को गिरकर भी उठना सिखाता है और थककर भी चलने की ताक़त देता है। यही आस्था है—अदृश्य पर सबसे सच्चा सहारा||
© Savishesh Mishra


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