24/12/2023
मूल निवास उसका जिसके पुरखों ने पहाड़ काटकर खेत बनाए,
मूल निवास उसका जिसके बच्चों क़ो आज भी दिन में बाघ उठाकर ले जा रहा है,
मूल निवास उसका जो वर्षों से सुबह पहाड़ चढ़ता है शाम क़ो उतरता है,
मूल निवास उसका जो आज भी गेंहूँ चावल कोदा झंगोरा दाल भट्ट गौथ घी दूध पैदा कर दुर्गम पहाड़ों में अपनी आजीविका कमा रहा है,
मूल निवास उसका जो रोज बरसात में भूस्खलन, सर्दियों में बर्फ और पाले से जद्दोजहद करता है,
और स्थाई निवासी वो जो है दिल्ली हरयाणा पंजाब उत्तरप्रदेश से आकर एक 100गज का प्लॉट लिया देहरादून में हल्द्वानी में उसके पीछे अपने दस्तावेज बनाए उत्तराखण्ड के और नौकरी की लाइन में हमारे बच्चों के साथ खड़ा हो गया,
स्थाई निवासी वो जिसने बिना भू क़ानून के कई सौ एकड़ जमीने खरीदी और उस पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर यहीं के लड़कों क़ो नौकर बना दिया,
अभी भी समय है मूलनिवासी हो तो मूलनिवास के लिए लड़ो, पहले तो तराई में जमीने बिकती थी आज पहाड़ भी पूरा बिक चुका है, जब तक आपके बच्चे डॉक्टर इंजिनियर बन खूब धन कमा कर घर आएंगे तब तक यहाँ कुछ नहीं बचेगा,
#मूलनिवास_भूकानून