18/09/2026
चौहटन के चुनावी नतीजों ने कांग्रेस के सामने आत्ममंथन और जवाबदेही से जुड़े कई सवाल खड़े किए हैं। सवाल यह है कि टिकट वितरण से लेकर चुनावी रणनीति और प्रचार अभियान तक जिन लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, क्या हार की जिम्मेदारी तय करते समय उन सभी की भूमिका पर भी निष्पक्ष चर्चा नहीं होनी चाहिए?
यदि चुनाव के दौरान लिए गए प्रमुख निर्णय कुछ नेताओं के नेतृत्व में हुए थे, तो नतीजों के बाद किसी एक व्यक्ति को पूरी हार के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं कहा जा सकता। चौहटन के साथ-साथ बाड़मेर शहर, धोरीमन्ना और गुड़ामालानी सहित अन्य क्षेत्रों के परिणामों का भी निष्पक्ष विश्लेषण होना चाहिए।
पत्रकारिता का दायित्व है कि वह सभी पक्षों से समान रूप से सवाल करे और किसी एक व्यक्ति या गुट को ही जिम्मेदार ठहराने के बजाय पूरे घटनाक्रम को तथ्यों के साथ सामने रखे। हाजी गफूर अहमद साहब की चुनावी भूमिका और उन्हें संगठनात्मक प्रक्रिया से दूर रखने के सवाल पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए।
यदि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त भूमिका नहीं दी गई थी, तो फिर चुनावी परिणामों की पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर डालना स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करता है। पार्टी के वरिष्ठ और जनाधार वाले नेताओं की भूमिका को लेकर भी व्यापक आत्ममंथन की आवश्यकता है।
अंततः बात किसी व्यक्ति विशेष को दोष देने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की है कि जिन लोगों ने निर्णय लिए, वे उन निर्णयों की समीक्षा और जवाबदेही के लिए भी आगे आएं। कार्यकर्ताओं और जनता को आरोप-प्रत्यारोप से अधिक निष्पक्ष समीक्षा, स्पष्ट जवाब और भविष्य की ठोस रणनीति की आवश्यकता है। राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन जवाबदेही सबकी समान होनी चाहिए।
वर्तमान जिला अध्यक्ष हैं लक्षण सिंह गोदारा बाड़मेर में पार्टी के बड़े बड़े नेताओ मे एक भी मुस्लिम नेता नहीं है फिर भी हार का ठिकरा गफूर अहमद पर हार का जिम्मेदार है जिला अध्यक्ष और हरीश चौधरी जिन्होंने पार्टी से ज्यादा गुट को महत्व दिया कांग्रेस एक डुबता जहाज है इस जो सवारी करेगा वो डुबेगा इसमे कोई डाउट नहीं है कि हार का जिम्मेदार है जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा और बायतु विधायक हरीश चौधरी है।
और दलाल पत्रकार कह रहा है बाड़मेर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष नहीं जीत पाए जनता का विश्वास
Mr Ghamanda Ram Rajbera हार का जिम्मेदार है बाड़मेर जिला अध्यक्ष पूर्व जिलाध्यक्ष कि कोई भुमिका नहीं थी इस चुनाव में तो सवाल पूर्व जिलाध्यक्ष पर सवाल कैसे