युवराज भील

युवराज भील "हमारी पहचान, हमारी विरासत – भील संस्कृति की आवाज़।
यह पेज भील समुदाय के समृद्ध इतिहास, परंपराओं,

12/05/2026

#भवानीलाल_भील #रिटायरमेंट_समारोह #भील_समाज #बूंदी #राजस्थान #सम्मान_समारोह #युवराज_भील

देशी फ्रिज 🥰
09/05/2026

देशी फ्रिज 🥰

08/05/2026

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जय मां 🚩🙏
06/05/2026

जय मां 🚩🙏

🌿 भील जनजाति की अनोखी परंपरा और देसी ज्ञान 🌿भील समुदाय में पुराने समय से ही अनाज और सब्जियों को सुरक्षित रखने की अनोखी व...
05/05/2026

🌿 भील जनजाति की अनोखी परंपरा और देसी ज्ञान 🌿
भील समुदाय में पुराने समय से ही अनाज और सब्जियों को सुरक्षित रखने की अनोखी विधियाँ अपनाई जाती रही हैं। उन्हीं में से एक खास तरीका है—
लहसुन को घर की छत के अंदर की ओर लटकाकर रखना।
🏡 केलुपोश (कच्चे/मिट्टी-लकड़ी के बने) घरों की छत पर लहसुन की गांठों को आपस में बांधकर लटका दिया जाता है।
👉 इससे लहसुन लंबे समय तक खराब नहीं होता
👉 नमी और कीड़ों से बचाव होता है
👉 हवा लगने से यह सूखा और सुरक्षित बना रहता है
यह पारंपरिक तरीका न सिर्फ आसान है बल्कि पूरी तरह प्राकृतिक भी है—बिना किसी केमिकल के संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण।
🙏 ऐसे ही हमारे आदिवासी समाज की परंपराएँ और ज्ञान आज भी हमें सिखाते हैं कि कैसे प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर जीवन जिया जाए।
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एक जमाना था जब इसकी सवारी हमारे लिए किसी शाही सवारी से कम नहीं थी 🥰🤔
05/05/2026

एक जमाना था जब इसकी सवारी हमारे लिए किसी शाही सवारी से कम नहीं थी 🥰🤔

04/05/2026

यदि ममता बनर्जी को यह पता होता कि जालमुड़ी में इतनी ताकत है, तो शायद वे भी इसे खा लेतीं। 😄

04/05/2026

🌾
If you want, I can �⁠make

मां हरसिद्धि 👏🙏
04/05/2026

मां हरसिद्धि 👏🙏

भील समुदाय में विवाह अवसर पर भराड़ी चित्रण का महत्वभील समाज में विवाह के समय भराड़ी चित्रण केवल सजावट नहीं, बल्कि परंपरा...
02/05/2026

भील समुदाय में विवाह अवसर पर भराड़ी चित्रण का महत्व
भील समाज में विवाह के समय भराड़ी चित्रण केवल सजावट नहीं, बल्कि परंपरा और आस्था का प्रतीक होता है। यह चित्रण घर की दीवारों व आंगन में बनाकर शुभ अवसर का स्वागत किया जाता है।
✨ महत्व संक्षेप में:
शुभता का प्रतीक – विवाह में सुख-समृद्धि और मंगल कामना के लिए बनाया जाता है।
संस्कृति की पहचान – यह भील समाज की प्राचीन कला और परंपरा को दर्शाता है।
धार्मिक आस्था – देवी-देवताओं और प्रकृति के प्रतीकों के माध्यम से आशीर्वाद की कामना की जाती है।
सामूहिक सहभागिता – महिलाएं मिलकर इसे बनाती हैं, जिससे आपसी प्रेम और एकता बढ़ती है।
खुशी का उत्सव – यह विवाह के माहौल को रंगीन और आनंदमय बनाता है। #भराड़ी_चित्रण #आदिवासी_संस्कृति #विवाह_परंपरा #लोककला #राजस्थान

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Village Bhawnipura
Bundi
323022

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