12/11/2022
दिल का जख्म दिखा कर क्या होगा
वे वजह बात बढ़ाकर क्या होगा और मेरी मंजिल का रास्ता धुंधला है गली में घर बनाकर क्या होगा मेरी सूरत से नफरत में उसे अब ये बाल बनाकर क्या होगा ना जाने कब दगा दे जाये ये किस्मत
और दरगा में सर झुका कर क्या होगा और
उसे भाती ना थी रंजिस की वो रात भर आस्क बहाकर क्या होगा
आपका भाई
कुलदीप अच्छेजा