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//// ॐ जय श्रीराम \\\\मित्रजनो,जैसे ईसा (अंग्रेजी), चीन या अरब का कैलेंडर है उसी तरह राजा विक्रमादित्य के काल में भारतीय...
20/03/2015

//// ॐ जय श्रीराम \\\\

मित्रजनो,
जैसे ईसा (अंग्रेजी), चीन या अरब का कैलेंडर है उसी तरह राजा विक्रमादित्य के काल में भारतीय वैज्ञानिकों ने इन सबसे पहले ही भारतीय कैलेंडर ''विक्रम संवत'' विकसित किया था। इस कैलेंडर की शुरुआत हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से मानी जाती है।

नववर्ष को भारत के प्रांतों में अलग-अलग तिथियों के अनुसार मनाया जाता है। ये सभी महत्वपूर्ण तिथियाँ मार्च और अप्रैल के महीने में आती हैं। इस नववर्ष को प्रत्येक प्रांत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। फिर भी पूरा देश चैत्र माह स

19/03/2015
संघ की शाखा में जाने के लाभ1. सुबह जल्दी उठने की आदत पड़ती है।2. सूर्योदय देखने का अवसर मिलता है।3. शाखा में शारीरिक और म...
13/03/2015

संघ की शाखा में जाने के लाभ
1. सुबह जल्दी उठने की आदत पड़ती है।
2. सूर्योदय देखने का अवसर मिलता है।
3. शाखा में शारीरिक और मानसिक व्यायाम करने का अवसर मिलता है।
4. शाखा में जाने पर तनाव और अवसाद दूर होता है।
5. शाखा में जाने पर नए लोगों से संपर्क होता है ।
6. शाखा में हमारा बौद्धिक स्तर बढ़ता है।
7. हमारा बोलने का ढंग और उच्चारण अच्छा होता है ।
8. हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है।
9. शाखा में नियमित जाने वाले स्वयंसेवक के नैतिक और मानवीय मूल्यों का विकास होता है।
10. इसमें जाने से भेदभाव और जातिवाद दूर होता है।
11. हम अनुशासन सीखते हैं।
मुझे गर्व है कि मैं संघ का स्वयंसेवक हूँ।

03/03/2015
क्या आपको पता है जिन देशो को अंग्रेजो ने गुलाम बनाया आज भी उन देशो में भारत के राजदूत की नियुक्ति नहीं होती है वहा उच्चा...
27/02/2015

क्या आपको पता है जिन देशो को अंग्रेजो ने गुलाम बनाया आज भी उन देशो में भारत के राजदूत की नियुक्ति नहीं होती है वहा उच्चायुक्त तैनात होते है क्योकि भारत आज भी ब्रिटेन का एक उपनिवेश है जैसे श्री लंका पाकिस्तान बांग्लादेश आस्ट्रेलिया ब्रिटेन में उच्चायुक्त एवम् रूस चीन अमेरिका जैसे देशो में भारत के राजदूत तैनात होते है जो कॉमनवेल्थ देश नहीं है अब प्रश्न यह है की आज भारत यदि स्वतंत्र है गणतंत्र है तो विश्व के सभी देशो में भारत का राजदूत क्यों नहीं है ?
आजाद भारत में ये मानशिक गुलामी आखर क्यों और कब तक ?
कैसी ये आजादी कैसा ये गणतंत्र..??

एक जन्म में अनेक जन्मो का कारावास पाने वाले अप्रतिम क्रांतिकारी, समर्पित समाज सुधारक, ओजस्वी वक्ता, कवि व अखंड भारत के स...
26/02/2015

एक जन्म में अनेक जन्मो का कारावास पाने वाले अप्रतिम क्रांतिकारी, समर्पित समाज सुधारक, ओजस्वी वक्ता, कवि व अखंड भारत के स्वप्न दृष्टा विनायक दामोदर सावरकर जी की पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन |
सावरकर वे पहले कवि थे, जिन्होंने कलम-काग़ज़ के बिना जेल की दीवारों पर पत्थर के टुकड़ों से कवितायें लिखीं। कहा जाता है उन्होंने अपनी रची दस हज़ार से भी अधिक पंक्तियों को प्राचीन वैदिक साधना के अनुरूप वर्षोंस्मृति में सुरक्षित रखा, जब तक वह किसी न किसी तरह देशवासियों तक न पहुच गई।
महान देशभक्त और क्रांतिकारी सावरकर ने अपना संपूर्ण जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया। अपने राष्ट्रवादी विचारों से जहाँ सावरकर देश को स्वतंत्र कराने के लिए निरन्तर संघर्ष करते रहे वहीं दूसरी ओर देश की स्वतंत्रता के बाद भी उनका जीवन संघर्षों से घिरा रहा। सावरकर दुनिया के पहले राजनीतिक कैदी थे, जिनका मामला हेग के अंतराष्ट्रीय न्यायालय में चला था।
सावरकर को ब्रिटिश सरकार ने क्रान्ति कार्यों के लिए दो-दो आजन्म कारावास की सजा दी, जो विश्व के इतिहास की पहली एवं अनोखी सजा थी।
सावरकर भारत के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के केन्द्र लंदन में उसके विरूद्ध क्रांतिकारी आंदोलन संगठित किया था। उन्होंने सन् 1905 के बंग-भंग के बाद सन् 1906 में 'स्वदेशी' का नारा दे विदेशी कपड़ों की होली जलाई थी। वे भारत के पहले व्यक्ति थे जिन्हें अपने विचारों के कारण बैरिस्टर की डिग्री खोनी पड़ी। वे पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करने वाले पहले भारतीय थे |
वे भारत के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने सन् 1857 की लड़ाई को भारत का 'स्वाधीनता संग्राम' बताते हुए लगभग एक हज़ार पृष्ठों का इतिहास 1907 में लिखा। सावरकर भारत के पहले और दुनिया के एकमात्र लेखक थे जिनकी किताब को प्रकाशित होने के पहले ही ब्रिटिश और ब्रिटिशसाम्राज्यकी सरकारों ने प्रतिबंधित कर दिया था। सावरकर ने ही वह पहला भारतीय झंडा बनाया था, जिसे जर्मनी में 1907 की अंतर्राष्ट्रीय सोशलिस्ट कांग्रेस में मैडम कामा ने फहराया था।

23/02/2015

लाइन मारने के बहुत से तरीके होते हैं,
जिनमें से 3 प्रसिद्ध हैं;
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1. पेंसिल से
2. पेन से
3. मार्कर(Marker) से
अच्छा सोचो, कुछ लोग शरीफ़ भी होते हैं।
मेरी तरह!
: कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है;
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आज नहीं आया
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कहा ना कभी-कभी आता है!
: संता को सपने में एक लड़की ने चप्पल
मारी,
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2 दिन तक संता बैंक नहीं गया,
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क्योंकि बैंक में लिखा था, "हम आपके
सपनों को हकीकत में बदलते हैं।"
: भगवान और डॉक्टर को क़भी नाराज़ मत करना;
क्योंकि
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भगवान नाराज़ तो आप डॉक्टर के पास;
और डॉक्टर नाराज़ तो आप भगवान के पास।
: जिंदगी में हमेशा एक बात याद रखो;
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कभी किसी का दिल नहीं तोड़ना चाहिए;
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क्योंकि दिल 1 ही होता है;
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तोड़ना ही है तो उसकी
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हड्डियां तोड़ो 206 होती हैं।
: जिंदगी की हर एक उड़ान बाकी है;
हर मोड़ पर एक इम्तिहान बाकी है;
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अभी तो सिर्फ आप ही परेशान हैं मुझसे;
अभी तो पूरा हिंदुस्तान बाकी है।

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