23/01/2025
.. कितना कठिन हैं
जो नज़रों में बसा हैं, उसे
नज़र भर देख न पाना
न छू सकना, न चूम पाना
सपने जैसे हो तुम मेरे लिए
हर वक़्त तुम्हें याद करना
हर वक़्त मुस्कुराना