01/03/2024
रफ्ता रफ्ता मैं भी तुम्हें अच्छा लगूंगा...,
अजनबी हूँ आज मगर...,
कल“अपना लगूंगा...,
रेत जितनी प्यास लेकर...,
जब छुओगे तुम मुझे...,
हूँ तो सहरा पररर...??
तुम्हें“दरिया”लगूंगा...!!
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✍️🖤