14/02/2021
गए दिनों कंप्यूटर की कुछ पुरानी फाइलों को छानते वक़्त मेरी नज़र इस एक पुराने वीडियो पर पड़ी और बस यूँ ही मुझे कुछ २० साल पीछे ले गयी .. हमारे १ हॉल किचन के सरकारी रो हाउस घर के हॉल में गुजर रही ऐसी ही एक 'सामान्य' सी शाम .. मेरे पिताजी अपने कुछ साथी कलाकारों के साथ, जिनमे कई पेंटर और फोटोग्राफर भी शामिल थे, एक बड़ी ही रोचक और जोशीली चर्चा में मशगूल थे .. और चर्चा का विषय था 'मधुबाला' .. मैं तब कुछ १० या १२ साल का रहा हूँगा और मुझे ये बात कभी समझ नहीं आती थी के ऐसा क्या है इस एक लड़की में के ये सब बड़े बड़े लोग उसकी खूबसूरती की तारीफ़ करते नहीं थकते कभी ..
मुझे बस यही लगता था के ये सब बड़े लोग यूँ ही उसके तारीफों के पूल बांधते रहते हैं क्योंकि शायद वो कोई बड़ी मशहूर फ़िल्मी अदाकार है या ऐसा ही कुछ ..
कई साल गुजरे .. मैं खुद एक युवा, नौजवान बना .. किसी एक महिला कॉलेज में हो रही एक स्पर्धा जिसमे मैंने हिस्सा लिया था, जिसमे मुझे 'बदलते वक़्त के साथ फिल्मो/गानो में हो रहा महिलाओ का चित्रण' इस विषय पर भाष्य करना था, उसकी तैयारी के लिए मैं कुछ रिसर्च कर रहा था जब मेरी नजर 'अच्छा जी मैं हारी चलो मान जाओ ना' इस गाने के वीडियो पर पड़ी ..
मैंने उस वीडियो को एक बार देखा, फिर कम से कम १५ से २० बार लगातार देखा, और तब से लेके आज तक कई सो हजार बार देख चुका हूँ .. और हर बार जब मैं उस वीडियो को देखता हूँ मेरे मन में एक ही खयाल आता है, के काश मैं किसी तरह वक़्त में पीछे जाकर हमारे घर के हॉल में हो रही उस बातचीत का हिस्सा बन सकू .. क्योंकि बाखुदा अब मैं खुद जान चूका था की क्यों लोग इस बेहतरीन अदाकारा की अदा और हुस्न के इतने दीवाने थे ..
अगर कभी आपको 'सादगी' और 'सौंदर्य' इन शब्दों का असली मतलब जानना हो .. शब्दकोशों में दिए गए अर्थों के अलावा .. तो बस इस अदाकार को परदे पर अपना जादू बिखेरते हुए एक बार देखिये .. वो टिमटिमाती हुई भावबोधक आँखे .. वो अदा, वो नख़रे, वो सरलता से अपने बालों को अपने चेहरे पर बिखरने देने की कला .. कोई ताज्जुब नहीं की उनकी इन अदाओं ने हर एक इंसान को तब उनका दीवाना बना दिया था ..
ना कोई महंगे लोकेशन्स, ना ही २ मिनट के गाने मे कई सो बार बदलते कपडे, मेक अप वगैरा .. और नाही ५० बैकग्राउंड dancers के साथ कोई निरर्थक सा नृत्य .. सिर्फ और सिर्फ एक साफ़, अमिश्रित भाव और उस भाव को केवल अपनी प्रतिभा के बल पर परदे पर साकार करने वाली एक बेहतरीन अदाकारा .. कोई आश्चर्य नहीं के तब के गीतकारों ने इतने एक से एक अजरामर गाने लिखे .. जब आप किसी ऐसी अदाकार के लिये लिख रहे हो ज़ाहिर है वो आपके लिखे लफ्ज़ो और नगमों में भी झलकेगा ..
तब हमारे घर के हॉल में होती बस एक बात से मैं शायद तआरुफ़ ना रखता .. वो ये की वो अगर ब्लैक एंड व्हाइट में इतना कमाल कर रही हैं तो सोचो कलर में तो वो क्या ही केहर बरपा देती/देंगी...
मुझे लगता है उनकी ख़ूबसूरती was best represented इन ब्लैक एंड व्हाइट .. वही ज्यादा खरा, साफ़ और विशुद्ध था .. कलर कई बार केवल ध्यान भटकाने का काम करते हैं और उनकी बहुमुखी प्रतिभा को जाहिर है उनकी मदत की कोई जरुरत नहीं थी उन लाखों लोगो की ज़िंदगियों को कलरफुल बनाने के लिए जो उन्हें परदे पर देख के झूम उठते थे/ आज भी झूम उठते हैं ..
'मधुबाला' - परदे पर जादू बिखेरने वाली उस महान अदाकारा को समर्पित !
- विनित
Concept - Gargi PravinPriyanvada Parmar
Photography - Kiran Bhale Photography
Asst. Photography - Dr.Vickey Jadhav
Content - Vinit Parmar
Muse - Vasudha Herwadkar
Editing - Pritesh Rote
Production - Fatichar Talkies
Costume - Vasudha Herwadkar , Ba No Batwo
Makeup - Zainab Jsultana