15/08/2026
मेरी प्यारी माँ के नाम...
अस्सलामु अलैकुम, माँ।
आज आपको इस दुनिया से गए एक साल हो गया, लेकिन ऐसा लगता है जैसे कल ही आप मेरे पास थीं। दिन में न जाने कितनी बार आपकी याद आ जाती है। कभी आपकी आवाज़ याद आती है, कभी आपका चेहरा, कभी आपका प्यार, और कभी आपकी दुआएँ।
माँ, बहुत सी बातें हैं जो मैं आज भी आपसे कहना चाहता हूँ। काश एक बार फिर आपको देख पाता, आपके हाथ चूम पाता, और कह पाता कि मैं आपसे कितना प्यार करता हूँ। इंसान अक्सर अपने अपनों की क़दर तब समझता है, जब वो साथ नहीं रहते।
आपने हमेशा मेरी ख़ुशी के लिए दुआ की, मेरे लिए तकलीफ़ें उठाईं, और बिना किसी शिकायत के मुझे सँभाला। आज जब ज़िंदगी में कोई मुश्किल आती है, तो सबसे पहले आपकी याद आती है।
माँ, अगर मेरी किसी बात से कभी आपका दिल दुखा हो, तो मुझे माफ़ कर दीजिए। मैं दुआ करता हूँ कि अल्लाह तआला आपकी हर कमी को अपनी रहमत से पूरा फ़रमा दे।
ऐ अल्लाह! मेरी माँ की मग़फ़िरत फ़रमा। उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे। उनके तमाम गुनाह माफ़ फ़रमा, उनकी हर तकलीफ़ दूर कर दे, और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में सबसे ऊँचा मुक़ाम अता फ़रमा। आमीन।
माँ, आप मेरी दुआओं में हमेशा ज़िंदा रहेंगी। आपकी याद कभी कम नहीं होगी।