13/08/2026
उत्तराखंड में ताइक्वांडो की नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट बेटी ने जब हिम्मत दिखाकर सीएम धामी के सामने भ्रष्टाचार की पोल खोली, तो उम्मीद थी कि तुरंत कार्रवाई होगी। बेटी का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने जाने के लिए मांगी गई ₹1.5 लाख की घूस नहीं दे सकी।
लेकिन अफसोस! भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय, घटना के लाइव वीडियो को ही प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया।
सवाल सिर्फ ₹1.5 लाख का नहीं है, सवाल उस सोच का है जो खेल और युवाओं के भविष्य को रिश्वत की भेंट चढ़ा रही है। अगर मुख्यमंत्री के सामने सच बोलने पर यह रवैया रहेगा, तो आम जनता अपनी शिकायत लेकर कहाँ जाएगी?