12/12/2025
सनातन एकता ही भारत का प्राण है – अब जागने का समय आ गया है!
भारत केवल एक भूखंड नहीं, एक जीवंत आत्मा है।
और उस आत्मा का नाम है – सनातन।
जब-जब यह आत्मा जागी है, भारत विश्व की सबसे ऊँची चोटी पर पहुँचा है।
जब-जब हम भूल गए कि हम एक ही हैं, तब-तब हम गुलामी के अंधेरे छा गए।
आज फिर वही स्वर्णिम अवसर हमारे सामने है –
एक भारत, अजेय भारत, विश्वगुरु भारत बनाने का!
हम सब एक ही वटवृक्ष की शाखाएँ हैं
महावीर ने कहा – “अहिंसा परमो धर्मः” → यह वही सन्देश है जो गीता में श्रीकृष्ण ने दिया।
बुद्ध ने कहा – “अप्प दीपो भव” (स्वयं अपना दीपक बनो) → यही उपनिषदों का “तत्त्वमसि” है।
गुरु नानक देव जी ने कहा – “न कोई हिन्दू, न मुसलमान” → क्योंकि सबमें वही एक ज्योति है।
गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा बनाया → ताकि सनातन धर्म की अंतिम साँस तक रक्षा हो।
ये सब अलग नहीं हुए, इन्होंने तो सनातन को और मजबूत, और चमकदार बनाया!
हमारे रक्त में आज भी गंगा बहती है
आज जो भाई-बहन मस्जिद में नमाज पढ़ते हैं,
उनके दादा-परदादा ने कभी शिवलिंग पर जल चढ़ाया था।
उनके घरों में आज भी तुलसी का पौधा है,
उनके मुँह से “या हुसैन” के साथ-साथ “जय श्री राम” भी निकलता है।
हमारा डीएनए एक है।
हमारी संस्कृति एक है।
हमारी मातृभूमि एक है – भारत माता।
फिर हम अलग कैसे हो सकते हैं?
अब समय है – एक हो जाने का, उठ खड़े होने का!
कल्पना कीजिए वो दिन…
जब मंदिर की घंटियाँ और अजान की आवाज एक साथ गूँजे और दोनों एक-दूसरे को और पवित्र बनाएँ।
जब गुरुद्वारे का लंगर और मस्जिद का दस्तरख्वान एक ही पंक्ति में बैठकर लोग खाएँ।
जब होली के रंग और ईद की सेवइयाँ एक ही थाली में परोसी जाएँ।
जब गीता, गुरु ग्रंथ साहिब, त्रिपिटक और कुरान की शिक्षाएँ एक ही स्कूल में पढ़ाई जाएँ।
वो दिन दूर नहीं!
बस हमें एक कदम बढ़ाना है – अपनेपन का, भाईचारे का, सनातन गर्व का।
उठो, जागो और एक हो जाओ!
यह देश चंद्रयान नहीं, विश्वयान बनने को तैयार है।
यह देश सिर्फ अर्थव्यवस्था नहीं, विश्व की आत्मा बनने को आतुर है।
लेकिन यह तभी होगा जब हम सब मिलकर कहें –
“हम अलग-अलग पंथों के अनुयायी नहीं,
हम सनातन भारत के अमर सन्तान हैं!”
हर गाँव में, हर गली में, हर दिल में ये आवाज गूँजनी चाहिए –
हम एक हैं। हम अटल हैं। हम सनातन हैं।
जब यह आवाज पूरे भारत में एक साथ उठेगी,
तो पूरा विश्व देखेगा –
भारत फिर से सोने की चिड़िया नहीं,
विश्व की सबसे चमकती आत्मा बनकर उड़ रहा है!
अब वक्त है फैसला करने का –
या तो हम बँटकर इतिहास बन जाएँगे,
या एक होकर महान इतिहास रचेंगे।
चुन लो।
और चुनते ही चिल्ला दो पूरे जोश के साथ –
भारत माता की जय !
सनातन भारत की जय !
एक भारत – श्रेष्ठ भारत – अजेय भारत की जय !!
जय हिंद ! जय भारत ! जय सनातन !!
अब और इंतजार नहीं – अब तो बस चल पड़ो!!