08/08/2026
असली उदासी और दर्द क्या होता है? कोई कोटा की इस बेटी प्रेरणा सिंह से पूछे... जिसने 10वीं में पढ़ते वक्त अपने ऑटो चालक पिता को कैंसर के हाथों खो दिया। पिता के जाने के साथ ही घर की आखिरी उम्मीद भी चली गई और पीछे छूट गया सिर पर ₹27 लाख का भारी-भरकम कर्ज़! 💔🥺
ऐसी लाचारी में जहाँ कोई भी टूट जाता, वहाँ प्रेरणा और उसकी माँ ने एक-दूसरे का हाथ थामा। घर में कमाई का कोई जरिया नहीं था, कई बार दिन में सिर्फ एक बार रोटी और चटनी खाकर पेट पालना पड़ता था। जिस छोटे से कमरे में प्रेरणा पढ़ाई करती थी, वहाँ ठीक से सोने तक की जगह नहीं थी, फिर भी इस बेटी ने अपने स्वर्गीय पिता के "घर में डॉक्टर देखने" के सपने को बुझने नहीं दिया।
2020 में बिना किसी कोचिंग के पहली बार NEET दिया तो 401 नंबर आए। निराशा हुई, पर हिम्मत नहीं टूटी। 2021 में 497 और 2022 में 558 नंबर लाकर खुद को साबित किया। प्रेरणा की मेहनत और आर्थिक तंगी को देखते हुए कोचिंग इंस्टीट्यूट ने उसकी 80% फीस माफ कर दी।
और फिर आई 2023 की वो तारीख, जब प्रेरणा की सालों की तपस्या रंग लाई! प्रेरणा ने NEET परीक्षा में 720 में से 686 अंक हासिल किए और ऑल इंडिया 1,033वीं रैंक (AIR 1,033) बनाकर देश के टॉप सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपनी जगह पक्की कर ली! 🩺✨
आज प्रेरणा अपने पिता का सपना पूरा कर रही हैं और आने वाले वक्त में मेडिकल रिसर्च में योगदान देना चाहती हैं। प्रेरणा की यह कहानी हमें सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी बदतर क्यों न हों, अगर इरादों में सच्चाई और मेहनत में ईमानदारी हो, तो कोई भी गरीबी आपको रोक नहीं सकती!
भारत की इस होनहार बेटी और उसकी संघर्षशील माँ के जज्बे को हमारा कोटि-कोटि नमन! 🫡❤️🇮🇳