वैष्णवजन / vaishnavjan

वैष्णवजन / vaishnavjan https://www.facebook.com/groups/1474686019932992/?ref=share&mibextid=NSMWBT
🙏 [ वैष्णवजन ग्रुप लींक ] 🙏

༺꧁ जय श्री कृष्ण ꧂༻
(2)

❀ आज ता. २० : ०८ : २०२६ श्री गिरिराज मुखारविंद जतीपुरा से श्री गोवर्धन नाथ प्रभु के मंगला आरती दर्शन ❀ ❀ सर्वे वैष्णव को...
20/08/2026

❀ आज ता. २० : ०८ : २०२६ श्री गिरिराज मुखारविंद जतीपुरा से श्री गोवर्धन नाथ प्रभु के मंगला आरती दर्शन ❀
❀ सर्वे वैष्णव को जय श्री कृष्ण ❀
☞श्री गिरिराज धरण की जय हो☜
☞गोवर्धन नाथ की जय☜
❖◎ वैष्णवजन ◎❖
◐✥♛❁♛❖❃❖♛❁♛✥◑
#શ્રીનાથજીદર્શन
#श्रीनाथजी #સત્સંગ_સેવા_સ્મરણ #ગોવર્ધનનાથજી #વ્રજ

व्रज - श्रावण शुक्ल अष्टमीगुरुवार २० अगस्त २०२६ Thursday,20 August 2026 बगीचा उत्सव (श्री नवनीतप्रियाजी)विशेष – आज श्री ...
20/08/2026

व्रज - श्रावण शुक्ल अष्टमी
गुरुवार २० अगस्त २०२६
Thursday,20 August 2026

बगीचा उत्सव (श्री नवनीतप्रियाजी)

विशेष – आज श्री नवनीतप्रियाजी में बगीचा उत्सव होगा. आज के दिन प्रभु श्री नवनीतप्रियाजी श्रीजी मंदिर में स्थित श्री महाप्रभुजी की बैठक वाले बगीचे में विहार एवं झूलने को पधारते हैं.
व्रज में नन्दगाँव के पास नंदरायजी का बगीचा है जहाँ नंदकुमार खेलने एवं झूलने के लिए पधारते थे इस भाव से आज बैठक के बगीचे को नंदरायजी का बगीचा मानकर श्री नवनीतप्रियाजी वहां झूलने पधारते हैं.
श्री नवनीतप्रियाजी वर्ष में दो बार (आज के दिन व फाल्गुन शुक्ल अष्टमी) के दिन महाप्रभु की बैठक स्थित इस बगीचे में पधारते हैं.
आज द्वितीय गृह पिठाधीश्वर श्री कृष्णरायजी (1857) का प्राकट्योंत्सव
होने से श्रीजी को धराये जाने वाले आज के वस्त्र द्वितीय गृहाधीश्वर प्रभु श्री विट्ठलनाथजी के घर (मंदिर) से सिद्ध हो कर आते हैं. वस्त्रों के साथ श्रीजी और श्री नवनीतप्रियाजी के भोग हेतु बूंदी के लड्डुओं की छाब भी वहीँ से आती है.

🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱 🍃 🌱 🍃 🌱 🍃 🌱

नित्यलीलास्थ श्री कृष्णरायजी से जुड़ा एक प्रसंग मुझे स्मरण है जिसे मैं आपसे साझा करना चाहूँगा.
निधि स्वरुप विराजित हैं तो वैसे भी घर का वैभव बढ़ ही जाता है परन्तु तब प्रभु श्री विट्ठलनाथजी की कृपा से द्वितीय गृह अत्यन्त वैभवपूर्ण स्वरुप में था और तत्समय श्रीजी में अत्यधिक ऋण हो गया.
जब आपको यह ज्ञात हुआ तब आपने अपना अहोभाग्य मान कर प्रभु सुखार्थ अपना द्रव्य समर्पित किया और प्रधान पीठ को ऋणमुक्त कराया.

आप द्वारा की गयी इस अद्भुत सेवा के बदले में श्रीजी कृपा से आपको कार्तिक शुक्ल नवमी (अक्षय नवमी) की श्रीजी की की पूरे दिन की सेवा और श्रृंगार का अधिकार प्राप्त हुआ था.
आज भी प्रभु श्री गोवर्धनधरण द्वितीय गृह के बालकों के हस्त से अक्षय नवमी के दिन की सेवा अंगीकार करते हैं.

राजभोग दर्शन –

कीर्तन – (राग : गोड मल्हार)

माईरी घन मृदंग रसभेदसो बाजत नाचत चपला चंचल गति l
कोकिला अलापत पपैया उरपलेत मोर सुघर सूर साजत ll 1 ll
दादुर तालधार ध्वनि सुनियत रुनझुन रुनझुन नुपूर बाजत l
‘तानसेन’ के प्रभु तुम बहु नायक कुंज महेल दोउ राजत ll 2 ll

साज – वर्षाऋतु में बादलों की घटा एवं बिजली की चमक के मध्य यमुनाजी के किनारे कुंज में एक ओर श्री ठाकुरजी एवं दूसरी ओर स्वामिनीजी को व्रजभक्त झूला झुला रहे हैं. प्रभु की पीठिका के आसपास सोने के हिंडोलने का सुन्दर भावात्मक चित्रांकन किया है जिसमें ऐसा प्रतीत होता है कि प्रभु स्वर्ण हिंडोलना में झूल रहे हों, ऐसे सुन्दर चित्रांकन से सुशोभित पिछवाई आज श्रीजी में धरायी जाती है.
गादी और तकिया के ऊपर सफेद बिछावट की जाती है तथा स्वर्ण की रत्नजड़ित चरणचौकी के ऊपर हरी मखमल मढ़ी हुई होती है.

वस्त्र – आज श्रीजी को पीले रंग की मलमल की सुनहरी ज़री की तुईलैस की किनारी से सुसज्जित सूथन, काछनी एवं रास पटका धराया जाता है. ठाड़े वस्त्र श्वेत डोरीया के धराये जाते है.

श्रृंगार - प्रभु को आज वनमाला (चरणारविन्द तक) का भारी श्रृंगार धराया जाता है. सर्वआभरण फ़ीरोज़ा के धराये जाते हैं.
श्रीमस्तक पर सिलमा सितारा का मुकुट व टोपी एवं बायीं ओर शीशफूल धराया जाता है.
श्रीकर्ण में फ़ीरोज़ा के मयूराकृति कुंडल धराये जाते हैं. चोटीजी मीना की आती हैं.श्रीकंठ में कली,कस्तूरी आदि की माला आती हैं.
पीले पुष्पों के रंग-बिरंगी थाग वाली दो सुन्दर मालाजी एवं कमल के फूल की मालाजी धरायी जाती है.
श्रीहस्त में एक कमल की कमलछड़ी,
भाभीजी वाले वेणुजी एवं दो वेत्रजी (एक सोना का) धराये जाते हैं.
पट पिला एवं गोटी मोर वाली धराई जाती हैं.

⛈️🌩️⛈️⛈️🌩️⛈️🌩️⛈️ 🌩️ ⛈️ 🌩️ ⛈️ 🌩️ ⛈️

देखो माई भीज़त गिरिधरधारी,
मोर मुकुट तन श्याम पीत पट घनदामिनी अनुहारी.
🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃 🌱 🍃 🌱 🍃 🌱

दर्शन सूचना पट्ट मंदिर श्रीनाथजी नाथद्वारा २० अगस्त २०२६ 🪷🌸🪷 #શ્રીનાથજીદર્શन                                    #श्रीनाथ...
20/08/2026

दर्शन सूचना पट्ट मंदिर श्रीनाथजी नाथद्वारा २० अगस्त २०२६ 🪷🌸🪷
#શ્રીનાથજીદર્શन
#श्रीनाथजी #સત્સંગ_સેવા_સ્મરણ #ગોવર્ધનનાથજી #વ્રજ

व्रज - श्रावण शुक्ल अष्टमीगुरुवार २० अगस्त २०२६ Thursday,20 August 2026       🌱 मंगला दर्शन 🌱 उपरना पीले मलमल का कीर्तन ...
20/08/2026

व्रज - श्रावण शुक्ल अष्टमी
गुरुवार २० अगस्त २०२६
Thursday,20 August 2026

🌱 मंगला दर्शन 🌱

उपरना पीले मलमल का

कीर्तन - मंगला दर्शन राग : मल्हार

लाल और ललना बांह जोटी उठे
प्रात पवन लगत कमल लपटात

🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃 🌱

🙏श्री वल्लभाधीश की जय🙏🙏श्री वल्लभकुल परिवार के श्रीचरणों मे  कोटि कोटि दण्डवत प्रणाम🙏🌹मेरो तो आधार, श्रीवल्लभ के चरणारवि...
20/08/2026

🙏श्री वल्लभाधीश की जय🙏

🙏श्री वल्लभकुल परिवार के श्रीचरणों मे कोटि कोटि दण्डवत प्रणाम🙏

🌹मेरो तो आधार, श्रीवल्लभ के चरणारविन्द🌹
🌹मेरे माथे को श्रृंगार, श्रीवल्लभ के चरणारविन्द🌹
🌹मेरे गले को हार, श्रीवल्लभ के चरणारविन्द🌹
ऐसी कौन करें!! गुरु बिन!! ऐसी कौन करें!!!नाथ के नाथ!अनाथ के बंधु!! अवगुण चित ना धरे!! सूरश्याम गुरु ऐसों समरथ!!छिन में ले उद्धरें!!! गुरु बिन ऐसी कौन करें।👏👏
,गुरू ब्रह्मा गुरू विष्णु,गुरु देवो महेश्वरा,
गुरु साक्षात परब्रह्म,तस्मै श्री गुरुवे नमः,,,💐💐💐

20/08/2026

❀ आज ता. २० : ०८ : २०२६ श्री गिरिराज मुखारविंद जतीपुरा से श्री गोवर्धन नाथ प्रभु के दुग्धाभिषेक दर्शन ❀
❀ सर्वे वैष्णव को जय श्री कृष्ण ❀
☞श्री गिरिराज धरण की जय हो☜
☞गोवर्धन नाथ की जय☜
❖◎ वैष्णवजन ◎❖
◐✥♛❁♛❖❃❖♛❁♛✥◑
#શ્રીનાથજીદર્શन
#श्रीनाथजी #સત્સંગ_સેવા_સ્મરણ #ગોવર્ધનનાથજી #વ્રજ

आज के मंगला दर्शन श्री महाप्रभुजी बैठकजी जतीपुरा से🪷 🌸 🪷
20/08/2026

आज के मंगला दर्शन श्री महाप्रभुजी बैठकजी जतीपुरा से
🪷 🌸 🪷

🚩🚩जय गिरिराज🚩🚩🍁श्रावण शुक्लपक्ष अष्टमी🍁दिनांक - 20/08/2026 , वार -  गुरुवार 🙏🏻शिक्षापत्र : श्रीहरिरायजी आज्ञा करते है कि...
20/08/2026

🚩🚩जय गिरिराज🚩🚩

🍁श्रावण शुक्लपक्ष अष्टमी🍁
दिनांक - 20/08/2026 , वार - गुरुवार

🙏🏻शिक्षापत्र : श्रीहरिरायजी आज्ञा करते है कि प्रभु की सन्निधि में इस तरह रहें जैसे चित्त में सांसारिक अभाव उत्पन्न हो जाय अर्थात सेवा दर्शन आदि नित्य शुद्ध भाव से करना चाहिए तथा मन में लौकिक क्लेश न हो इसलिए लौकिक से उदासिन रहना चाहिए।देह संबंधी स्त्री पुत्र आदि में हार्दिक अनुराग न करें।अतः लोक में यो रहें जैसे जल में कमल रहता हैं।

राजभोग दर्शन का कीर्तन
राग - मल्हार
कोऊमाई केसेंहीजो कहो।।
नवरंग गिरिधरनलाल लाडिलो मम कुच बीच रहो।।1।।
जेनहीं जानत मरम हिलगकी अपनी देहदहो।।
पियसंगमकी श्रमजल सरिता मेरे उरही वहो।।2।।
नवनिकुंज नायक मनमोहन कोमलकरजो गहो।।
सुन कृष्णदास विलास वारनिधि मेरी जीवनहो।।3।।

‌‌हिंडोला का कीर्तन
राग - अडानो
हिंडोरोरी व्रज के आंगन माच्यो।।
शीव ब्रम्हादिक कौतुक भुले शंकर तांडव नाच्यो।।1।।
शुक सनकादिक नारद शारद मुनिजन हिंडोरो देखन आये।।
नंदको लाल झुलावत देख्यो बहुत तूठ हमपाये।।2।।
युवती यूथ अटाचढ ठाडीं अपनो तनमन वारें।।
परमानन्ददासको ठाकुर चित चोर्यो यह कारे।।3।।

‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌सर्वोद्धारक श्री गिरिराज बावा की कृपा से आप सभी का दिन मंगलमय हो।

श्रीगिरिराज जी मंदिर बुढापारा रायपुर(छ.ग.)

आप सभी को हमारा सदैन्य भगवद् स्मरण🙏😊🙏🏻

पाल हवेली
20/08/2026

पाल हवेली

Address

Jirapa Plot
Upleta
360490

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when वैष्णवजन / vaishnavjan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to वैष्णवजन / vaishnavjan:

Shortcuts

Share