14/03/2023
ये तो सरासर गलत है....... नेताओ के फ़ायदे कुछ ज्यादा है...
गैरसैंण में परमानेंट राजधानी बनने से लाभ-नवल खाली.
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1- गैरसैंण राजधानी बनने से सबसे बड़ा लाभ देहरादून की जनता को होगा !!! आये दिन लगने वाले जाम औऱ प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
2- देहरादून में तैनात थुलथुले गात के अफसरों का ब्लड प्रेशर, सुगर, बबासीर आदि बीमारियों पर गैरसैण की पहाडी आवोहवा से सुधार होगा औऱ लंबी आयु को प्राप्त होंगे क्योंकि पहाड़ो की हवा ही सबसे बड़ी दवा है।
3-अफसरों ,नेताओं औऱ कर्मचारियों की पत्नियों के चेहरे पर भी यहाँ चार्म रहेगा क्योंकि यहाँ की आबोहवा ,शुद्ध दूध घी सब्जी से चमक बढ़ जाएगी औऱ ब्यूटीपार्लर का खर्चा भी बचेगा।
3- देहरादून विधानसभा और सचिवालय में अफसरों औऱ नेताओं के आगे पीछे घूमने वाली कई फुरकी बाँदो पर नियंत्रण लग सकेगा !! क्योंकि भराड़ीसैण धार यानि टॉप में है और वहाँ ऐड़ी , अछरी लगने का खतरा ज्यादा है !!!
4- अफसरों की बीबियाँ गैरसैंण में शॉपिंग कम कर सकेंगी जिससे बेचारे अफसरों की कमीशनखोरी पर भी लगाम लगेगी और अफसर चिंतामुक्त होकर कार्य को समय दे पाएंगे ।
6- जनता के काम न होने की दशा में जनता द्वारा सामूहिक घात अहंकार ( दैवीय दोष) भी अफसर अथवा नेताओ पर प्रभावी रूप से काम करेगा क्योंकि इस प्रकार के दैवीय दोषों की भी एक भौगोलिक सीमा होती है जिंसके लिए गैरसैंण मुफीद है।
7- गैरसैंण राजधानी बनने से सबसे ज्यादा फायदा सरकारी राजकोष को होगा क्योंकि ज्यादा आवागमन नहीं करना पड़ेगा। एसी औऱ बिजली का खर्चा बचेगा। सरकारी कैंटीन में भी बांज की लकड़ियों से खाना बनेगा वहीं बिसलरी की जगह बांज की जड़ों का ठंडा शुद्ध पानी मिलेगा।
8- अफसरों औऱ नेताओ के यहाँ खूब पैंसे भी बचेंगे क्योंकि लोग छल पूजाई,देवता पूजाई में भी बुलाएंगे और फ्री में जमकर मीट भात भी खिलाएंगे।
9- अफसरों और नेताओं के फिजूलखर्ची बच्चों पर गैरसैंण में लगाम लग सकेगी क्योंकि विधानसभा गैरसैंण के बगल में ही गुरुकुल टाइप विश्वविद्यालय के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है जहां भारतीय संस्कृति के मानकों के हिसाब से शिक्षा दी जा सकेगी।
10- मॉर्निंग वॉक के शौकीन अफसरों के लिए भराड़ीसैंण से दूधातोली का वॉक उनकी आयु को बढ़ाएगा क्योंकि यहाँ की जड़ी बूटियों की हवाएं उन्हें तन्दरुस्त रखेंगी।