10/06/2026
🌞 गर्मी की छुट्टियों का यादगार दिन
एक छोटे से गाँव में राहुल नाम का एक लड़का रहता था। गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होते ही उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब उसे सुबह जल्दी उठकर स्कूल नहीं जाना पड़ता था। वह अपने दोस्तों के साथ खेलता, खेतों में घूमता और आम के बगीचों में मस्ती करता था।
उस साल गर्मी कुछ ज़्यादा ही पड़ रही थी। दोपहर के समय सड़कें सुनसान हो जाती थीं। लोग अपने घरों में पंखे और कूलर के सामने बैठे रहते थे।
एक दिन राहुल अपने दोस्तों के साथ गाँव के पास वाले बड़े आम के बाग में गया। वहाँ पेड़ों पर मीठे और पके हुए आम लटके हुए थे। बच्चे पेड़ों की छाया में बैठकर बातें कर रहे थे और ठंडी हवा का आनंद ले रहे थे।
तभी राहुल की नज़र एक छोटे से पक्षी पर पड़ी। वह बार-बार इधर-उधर उड़ रहा था और बहुत परेशान लग रहा था। राहुल समझ गया कि शायद उसे प्यास लगी है। उसने आसपास देखा, लेकिन कहीं भी पानी नहीं था।
राहुल को उस पक्षी पर दया आ गई। वह तुरंत घर गया और एक मिट्टी का कटोरा लेकर उसमें ठंडा पानी भरकर बगीचे में रख आया।
कुछ ही देर में वह पक्षी पानी पीने लगा। उसे देखकर राहुल बहुत खुश हुआ। धीरे-धीरे और भी चिड़ियाँ, कबूतर और गिलहरियाँ वहाँ आने लगीं।
अगले दिन राहुल और उसके दोस्तों ने गाँव के कई स्थानों पर पानी के बर्तन रख दिए।
एक सप्ताह बाद गाँव के प्रधान ने बच्चों के इस अच्छे काम के बारे में सुना। उन्होंने पूरे गाँव के लोगों को बुलाकर बच्चों की प्रशंसा की। प्रधान जी ने कहा, "गर्मी के दिनों में इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों की भी मदद करनी चाहिए।"
राहुल और उसके दोस्तों को सम्मानित किया गया। अब पूरे गाँव में हर घर के बाहर पक्षियों के लिए पानी रखा जाने लगा। गर्मी की छुट्टियाँ खत्म हो गईं, लेकिन राहुल का यह नेक काम सभी लोगों को हमेशा याद रहा।
शिक्षा: हमें हर मौसम में जरूरतमंद जीवों की मदद करनी चाहिए। छोटी-सी दया भी किसी के लिए बहुत बड़ी खुशी बन सकती है। 🌳💧🐦😊
Ankit Seth