22/08/2026
क्या युद्ध केवल ज़मीन पर लड़ा जाता है?
ग़ाज़ा की तबाही, फ़िलिस्तीन का विस्थापन, बच्चों की मौतें, प्रतिरोध की आवाज़ें और जैतून के पेड़ों से जुड़ी स्मृतियाँ इन सबको अपने भीतर समेटे है नासिरा शर्मा की पुस्तक ‘फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला’।
यह पुस्तक केवल युद्ध का वृत्तांत नहीं, बल्कि इतिहास, राजनीति, साहित्य, संस्कृति, विस्थापन और मनुष्यता के सवालों से हमारा सामना कराती है। यह पूछती है- जब युद्ध में सबसे पहले बच्चे मारे जाते हैं, तब हमारी संवेदना किसके साथ खड़ी होती है? क्या साहित्य बारूद के बीच मनुष्य की आवाज़ बचा सकता है? और क्या प्रतिरोध केवल हथियार से होता है, या कहानी, कविता, स्मृति और प्रेम भी प्रतिरोध के रूप हैं?
इन्हीं सवालों के साथ स्त्रीकाल पर होगा एक विशेष परिचर्चा-संवाद
“फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला”-नासिरा शर्मा की पुस्तक पर
रक्षा गीता के साथ रहेंगी-
वरिष्ठ साहित्यकार नासिरा शर्मा,
आलोचक अशोक तिवारी,
लेखिका शोभा अक्षर
युद्ध, प्रतिरोध, विस्थापन, बच्चों की त्रासदी और मनुष्यता पर इस संवाद में आप भी शामिल हों।
23 अगस्त 2026
रात 8:00 बजे
स्त्रीकाल पर
आइए -
किताब के बहाने फ़िलिस्तीन को पढ़ें-समझें
और
फ़िलिस्तीन के बहाने अपने समय और अपनी मनुष्यता को...