01/03/2026
राज्य सभा चुनाव में भोजपुरी फिल्मों वाले पवन सिंह का जिक्र करने के बाद उनके लोगों ने इतनी गालियां दी हैं कि रिकार्ड बन जाएगा. कोई बात नहीं. पवन सिंह स्वयं भी बहुत पढ़े-लिखे नहीं होंगे, फिर उनके लोगों से भी विरोध के सही स्वर की उम्मीद बेकार है. गाली जानते हैं, तो गाली ही देंगे. संस्कार दिखा दिया. इसलिए ही हम राज्य सभा और लोक सभा के बीच का अंतर बता रहे थे.
मैंने पहले भी कहा कि राजपूत जाति क्या किसी भी जाति से बैर नहीं है मेरा. लेकिन, पता नहीं, कुछ लोग पवन सिंह के बारे में कही गई सच बातों को राजपूत जाति का विरोध क्यों मान रहे हैं ? पवन सिंह को लेकर गूगल में कुछ सर्च किया तो नीचे पोस्ट की गई ये तस्वीरें मिल गई. अब इनके बारे में क्या ही कहना ? अब इसमें कोई तस्वीर गलत है, तो गूगल बाबा से कंप्लेन करना कि पवन सिंह का नाम क्यों जोड़े रखे हो ?
राज्य सभा की जिन पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, उनमें जदयू के हरिवंश नारायण सिंह की रिक्त हो रही सीट भी है. हरिवंश भी राजपूत ही हैं. लेकिन पढ़े-लिखे हैं. रोज खबर चल रही है, वे इस बार बेटिकट हो सकते हैं. क्या होगा, नामों के एलान से पता चलेगा. वैसे हरिवंश जैसे लोगों से ही राज्य सभा की शोभा बढ़ती है. लेकिन, टिक्ट-बेटिकट की रिपोर्टिंग पर क्या आपने कहीं हरिवंश के लोगों को गाली – गलौज करते देखा है ? संस्कार और बिना संस्कार का अंतर दिख ही जाता है.
आज जो लोग तरह-तरह की कहानियां बना गाली-गलौज कर रहे, उनमें ही बहुत सारे बिहार विधान सभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद कह रहे थे- मेरा अनुमान ही सबसे सटीक था, जैसा हम कह रहे थे, नतीजे उससे भी अधिक आए थे. नहीं तो बाकी बहुत सारे लोग महागठबंधन से कड़ी टक्कर और एनडीए को फंसा हुआ ही बता रहे थे.
अब इस विवाद में मंगरुआ का ठीहा जैसे लोग भी बिना मतलब कूद जाते हैं. अब उनसे क्या ही कहें, दिल्ली की एक मुलाकात में ही हमने उन्हें भाई मान लिया था. ईमानदारी तो ये होती कि मंगरुआ भाई सताई और असमय काल की गाल में समाने को विवश हुई महिलाओं की कारुणिक कहानी को सामने ला देते. क्षत्रिय का इतिहास तो महिला अस्मिता की रक्षा का है.
अब एक कोई रितिक सिंह हैं, जो ये दावा कर रहे कि हमने किसी कार्यक्रम के लिए पवन सिंह के पर्सनल नंबर पर फोन किया था. तारीख भी दस बता रहे. तो भाई, जान लीजिए- हमने आज तक पवन सिंह को कभी कॉल नहीं किया. उनका कोई भी नंबर मेरे पास नहीं है. मेरे नंबर से कॉल साबित कर दें, तो हम तुरंत माफी मांग लेंगे. बाकी मेरे नाम से कौन क्या करता है, मुझे क्या पता है ? फिर से कह रहा, पवन सिंह से मेरी कोई निजी खुन्नस नहीं. जब कभी वे कहीं मिल जाएंगे, तो गले ही मिलेंगे, वे न चाहेंगे तो हम दूर नहीं भागेंगे. लेकिन मुद्दों पर बोलना अपना काम है और वह करते भी रहेंगे.
#ज्ञानेश्वर_की_डायरी