Gwalior Live#ग्वालियर लाइव

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https://youtu.be/zs7uf2h048A?feature=shared RVS Live india उपलब्ध है यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर पर और आपके केव...
22/07/2025

https://youtu.be/zs7uf2h048A?feature=shared RVS Live india उपलब्ध है यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर पर और आपके केवल नेटवर्क पर, इसके साथ ही RVS लाइव इंडिया इंटरटेनमेंट मीडिया नेटवर्क संचालित करता है दो आधुनिक न्यूज़ पोर्टल www.rvsliveIndia.com और www.adarshsamachar.com और राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र आदर्श ग्वालियर.
आप इस चैनल में देखेंगे कुछ ऐसी खबरें, कुछ ऐसे इंटरव्यू जो आपको कहीं और नहीं मिलेंगे. हमें ना किसी पार्टी से मतलब है न किसी व्यक्ति विशेष से, हम ना पक्ष के साथ हैं ना विपक्ष के हमारी हर बात में हर सवाल में प्राथमिकता है भारत की जनता. धर्म कोई भी हो, मजहब - संप्रदाय कोई भी हो, जाती कोई भी हो हमें इससे कुछ लेना-देना नहीं, हमारा मकसद है इंसानियत और मानवता जिंदा रहे, भारतीयता बची रहे. और इसके लिए हमें अपनों से भी कड़वे सवाल पूछने पड़ें तो हम पूछेंगे, बिना डरे - बिना झुके, बेबाकी के साथ. क्योंकि हमारा विश्वास, हमारी ताकत है आप. आपने जो प्यार दिया,आपने जो सम्मान दिया, आपने जो विश्वास किया उस प्यार और विश्वास का हम रखते हैं हमेशा ख्याल. यह चैनल आपका है और आपके ही समर्थन से चल रहा है, इसलिए यदि आप में से कुछ लोग अभी तक इस चैनल से नहीं जुड़े हैं तो प्लीज इसे सब्सक्राइब कीजिए और जो भी हमारे भाई बंधु इस चैनल के साथ जुड़े हुए हैं उनसे भी आग्रह है कि इसमें प्रसारित होने वाली खबरों को अपने ग्रुप में मित्रों में परिजनों में शेयर अवश्य कीजिए ताकि हम आपकी बात पहुंचा सके आपके अपनों तक. आपके पास भी है कोई खबर, आप भी उठाना चाहते हैं कोई गंभीर मुद्दा, जो जुड़ा है हमारे देश से, हमारे समाज से, हमारे विकास से, हमारी शांति - एकता,अखंडता से या हो रही है आपको कोई परेशानी, नहीं सुन रहा है कोई अधिकारी, प्रशासन, नेता, मंत्री तो हम बनेंगे आपकी आवाज... हमसे संपर्क करने के लिए आपको व्हाट्सएप करना है हमारा नंबर हैं: 9302 999171.

23/09/2022
15/04/2022
09/04/2022

*पिपरिया मंडी भाव*
*दिनांक-08-04-2022*
*गेहूं -1860-1986*
*चना -3800-4900*
*तुअर-3700-6455*
*मसूर 6200-6515*
*धान-(पूसा)-2800-3795*
*सरसों -6011-6295*
*मूंग -3300-6870*
*धनिया-10000-10001*

“नशे के विरुद्ध तीन बड़ी कार्यवाही”आज ग्वालियर पुलिस ने नशे के विरुद्ध अभियान के तहत तीन बड़ी कार्यवाही हुई l* थाना पनिह...
07/04/2022

“नशे के विरुद्ध तीन बड़ी कार्यवाही”

आज ग्वालियर पुलिस ने नशे के विरुद्ध अभियान के तहत तीन बड़ी कार्यवाही हुई l

* थाना पनिहार में नवनियुक्त भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री सियाज, जिनका थाना प्रभारी का आज दूसरा दिन था ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक इनोवा और रिट्ज गाड़ी पकड़ी है जिसमें 500000 की विदेशी शराब पकड़ी गई है गाड़ियों में कई राज्यों की फ़र्ज़ी नम्बर प्लेट भी मिली हैं

* मुरार क्षेत्र अंतर्गत बड़ा गांव में 10 लाख रुपए की स्मैक पकड़ी गई है और दो आरोपी भी पकड़े गए हैं l स्मैक के साथ इलेक्ट्रॉनिक तौल करने का कांटा स्टेपलर मशीनें आदि पकड़ी गई है जिससे कि यह बड़ी मात्रा में स्मैक लाकर छोटी छोटी गुड़िया बनाकर सप्लाई करते थे l

* विश्वविद्यालय थाना अंतर्गत गांजे की एक बड़ी खेप पकड़ी गई है जिसमें एक आरोपी भी गिरफ्तार किया गया l

ग्वालियर पुलिस का नशे के विरुद्ध अभियान सतत जारी रहेगा l

29/03/2022

राज्यपाल श्री Mangubhai Patel का 29 मार्च को ग्वालियर आगमन होगा

राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल 29 मार्च को ग्वालियर प्रवास पर आयेंगे। राज्यपाल श्री पटेल इस दिन अपरान्ह 3.40 बजे रेलमार्ग द्वारा ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुँचेंगे और वहाँ से व्हीआईपी सर्किट हाउस मुरार जायेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल सायंकाल 5 बजे जीवाजी विश्वविद्यालय स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर पहुँचकर राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के पाँचवे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। राज्यपाल श्री पटेल इस कार्यक्रम के बाद सायंकाल 6.25 बजे व्हीआईपी सर्किट हाउस मुरार पहुँचकर विश्राम करेंगे।
राज्यपाल श्री पटेल 30 मार्च को प्रात: 9.15 बजे ग्वालियर से सड़क मार्ग द्वारा दतिया जिले के ग्राम उपराँय के लिए रवाना होंगे। उपराँय ग्राम में राज्यपाल श्री पटेल आंगनबाड़ी केन्द्र का भूमिपूजन करेंगे। साथ ही वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी का अवलोकन, हितग्राहियों के साथ संवाद, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के साथ चर्चा करेंगे। राज्यपाल श्री पटेल प्रात: 11.45 बजे श्री पीताम्बरा पीठ के दर्शन करने जायेंगे। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे दतिया रेलवे स्टेशन पहुँचकर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस द्वारा भोपाल के लिये प्रस्थान करेंगे।



होली मिलन समारोह जेसीआईoss
28/03/2022

होली मिलन समारोह जेसीआईoss

ग्वालियर के द्वारकाधीश मंदिर में फूलों की होली खेलते महिलाएं साथ में परिवार जन हुए भजनों के शानदार प्रोग्राम बच्चों ने भ...
27/03/2022

ग्वालियर के द्वारकाधीश मंदिर में फूलों की होली खेलते महिलाएं साथ में परिवार जन हुए भजनों के शानदार प्रोग्राम बच्चों ने भी बनाई राधा कृष्ण की झांकी

साउथ ऐशिया की पहली क्रियेटिव सिटी बनेगी ग्वालियर यूनेस्कों की क्रियेटिव सिटी के रुप में होगा ग्वालियर का विकासहमारे लिए ...
26/03/2022

साउथ ऐशिया की पहली क्रियेटिव सिटी बनेगी ग्वालियर

यूनेस्कों की क्रियेटिव सिटी के रुप में होगा ग्वालियर का विकास

हमारे लिए यह गौरव की बात है कि पूरे साउथ ऐशिया में ग्वालियर शहर को यूनेस्को क्रियेटिव सिटी के रुप में चुना गया है। ग्वालियर शहर का विकास यूनेस्को के सहयोग से हिस्टोरिकल अरबन लेंडस्केपिंग के तहत किया जाएगा। जिससे ग्वालियर शहर की विरासत को पूरी दुनिया में पहचान मिलेगी तथा ग्वालियर के संभागीय आयुक्त, कलेक्टर एवं निगमायुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारी यह ध्यान रखें कि शहर का विकास शहर की हैरिटेज विरासत को केन्द्रित रखते हुए किया जाए। उक्ताशय के विचार मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रिंसिपल सेकेट्री श्री एस एस शुक्ला ने आज ग्वालियर को क्रियेटिव सिटी के रुप विकसित करने के लिए यूनेस्कों की टीम के साथ आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किए।
इस अवसर पर कार्यशाला में यूनेस्को नई दिल्ली से सुश्री जून्ही हेन, श्री रैंड इपिक, संभागीय आयुक्त श्री आशीष सक्सैना, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री किशोर कन्याल, सीईओ र्स्माट सिटी श्रीमती जयति सिंह, आईआईटीटीएम के डायरेक्टर डॉ आलोक शर्मा एवं यूनेस्को के स्थानीय सलाहकार श्री शिशिर श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उषाकिरण पैलेस होटल में आयोजित कार्यशाला के प्रारंभ में यूनेस्कों की ओर से श्री निशान्त द्वारा ग्वालियर की विरासत को केन्द्रित करते हुए यूनेस्कों द्वारा चयनित क्रियेटिव सिटी का एक प्रजेन्टेशन दिखाया गया। इस अवसर पर चर्चा करते हुए अधिकारियों एवं यूनेस्कों के प्रतिनिधियों द्वारा कुछ सुझाव दिए गए। जिसमें ग्वालियर को क्रियेटिव सिटी के रुप में विकसित करने के लिए ग्वालियर के ऐतिहासिक नगरीय परिदृश्य के अंतर्गत सभी सार्वजनिक परियोजनाओं जैसे स्वर्णरेखा नदी के ऊपर एक एलिवेटेड रोड के प्रस्ताव को क्रियान्वयन से पहले पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करने की आवश्यकता है। एक पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और विरासत प्रभाव आकलन जिसमें विरासत स्मारकों और स्थलों को पर्यावरणीय घटकों के रूप में शामिल किया गया हो, उन सभी परियोजना प्रस्तावों के लिए एक पूर्वापेक्षा होनी चाहिए जो ऐतिहासिक स्मारकों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत स्थलों को सीधे प्रभावित करते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण, जल संसाधन विभाग एवं अन्य संबंधित संस्थाएं जैसे हितधारकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही ग्वालियर की नगरीय संरचना में निहित उसकी विशिष्ट पहचान को बनाए रखने के लिए अभिलेखीय-मानचित्रों और दस्तावेजों के आधार पर ग्वालियर के ऐतिहासिक भू-उपयोग को स्थापित करना महत्वपूर्ण है। यह ऐतिहासिक भूमि उपयोग विकास के दिशा निर्देशों और विनियमों का आधार होगा, जिन्हें नगर विकास योजना में शामिल करने की आवश्यकता है। वहीं ग्वालियर में नेरो-गेज रेलवे लाइन की पुनर्स्थापना करना ऐतिहासिक नगरीय संरचना के लिए महत्वपूर्ण है और इसे एक उन्नत नगरीय आवागमन तंत्र के हिस्से के रूप में पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। साथ ही बाढ़ प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए फ्लड-प्लेन जोनिंग नियमों को लागू करने की आवश्यकता है, जो बाढ़ की चपेट में आने वाले क्षेत्रों और वर्षा जल के संचय क्षेत्रों का सीमांकन करने का सुझाव देते है।
ग्वालियर शहर में निहित स्थलाकृति और उसका ऐतिहासिक नगरीय विरासतों और स्मारकों के साथ संबंध, ग्वालियर शहर के परिदृश्य और क्षितिजों में साफ साफ दिखाई देता है। ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य के संरक्षण और भविष्य के विकास के नियंत्रण के लिए इन परिदृश्यों और क्षितिजों की सुरक्षा एक प्रारंभिक बिंदु है। हितधारकों को शामिल करते हुए राजस्व रिकॉर्डस के अनुसार भूमि उपयोग का विश्लेषण करना आवश्यक है। सार्वजनिक संपत्ति के लिए संबंधित विभाग द्वारा ऊंचाई आदि के निर्माण नियमों को लागू करने की आवश्यकता होगी। निजी संपत्ति के मामले में, संबंधित भूमि मालिकों की सहमति प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। मौजूदा उदाहरण के तौर पर उड्डयन मंत्रालय द्वारा विमान संचालन की सुरक्षा के लिए ऊंचाई प्रतिबंध नियम 2015 के अंतर्गत निर्माण और पेड़ों पर प्रतिबंध, एनओसी जारी करना, कलर कोटेड जोनिंग मैप्स जारी करना आदि देखा जाता है।
कार्यशाला के दौरान यूनेस्को नई दिल्ली से सुश्री जून्ही हेन ने यूनेस्कों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। संभागीय आयुक्त श्री आशीष सक्सैना एवं कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा विभिन्न जानकारियाँ दी गई। ग्वालियर शहर के सुनियोजित विकास के लिए एक और बैठक आयोजित कर फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाकर यूनेस्कों को भेजा जाएगा।







26/03/2022

साउथ ऐशिया की पहली क्रियेटिव सिटी बनेगी ग्वालियर

यूनेस्कों की क्रियेटिव सिटी के रुप में होगा ग्वालियर का विकास

हमारे लिए यह गौरव की बात है कि पूरे साउथ ऐशिया में ग्वालियर शहर को यूनेस्को क्रियेटिव सिटी के रुप में चुना गया है। ग्वालियर शहर का विकास यूनेस्को के सहयोग से हिस्टोरिकल अरबन लेंडस्केपिंग के तहत किया जाएगा। जिससे ग्वालियर शहर की विरासत को पूरी दुनिया में पहचान मिलेगी तथा ग्वालियर के संभागीय आयुक्त, कलेक्टर एवं निगमायुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारी यह ध्यान रखें कि शहर का विकास शहर की हैरिटेज विरासत को केन्द्रित रखते हुए किया जाए। उक्ताशय के विचार मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रिंसिपल सेकेट्री श्री एस एस शुक्ला ने आज ग्वालियर को क्रियेटिव सिटी के रुप विकसित करने के लिए यूनेस्कों की टीम के साथ आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किए।
इस अवसर पर कार्यशाला में यूनेस्को नई दिल्ली से सुश्री जून्ही हेन, श्री रैंड इपिक, संभागीय आयुक्त श्री आशीष सक्सैना, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री किशोर कन्याल, सीईओ र्स्माट सिटी श्रीमती जयति सिंह, आईआईटीटीएम के डायरेक्टर डॉ आलोक शर्मा एवं यूनेस्को के स्थानीय सलाहकार श्री शिशिर श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उषाकिरण पैलेस होटल में आयोजित कार्यशाला के प्रारंभ में यूनेस्कों की ओर से श्री निशान्त द्वारा ग्वालियर की विरासत को केन्द्रित करते हुए यूनेस्कों द्वारा चयनित क्रियेटिव सिटी का एक प्रजेन्टेशन दिखाया गया। इस अवसर पर चर्चा करते हुए अधिकारियों एवं यूनेस्कों के प्रतिनिधियों द्वारा कुछ सुझाव दिए गए। जिसमें ग्वालियर को क्रियेटिव सिटी के रुप में विकसित करने के लिए ग्वालियर के ऐतिहासिक नगरीय परिदृश्य के अंतर्गत सभी सार्वजनिक परियोजनाओं जैसे स्वर्णरेखा नदी के ऊपर एक एलिवेटेड रोड के प्रस्ताव को क्रियान्वयन से पहले पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करने की आवश्यकता है। एक पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और विरासत प्रभाव आकलन जिसमें विरासत स्मारकों और स्थलों को पर्यावरणीय घटकों के रूप में शामिल किया गया हो, उन सभी परियोजना प्रस्तावों के लिए एक पूर्वापेक्षा होनी चाहिए जो ऐतिहासिक स्मारकों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत स्थलों को सीधे प्रभावित करते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण, जल संसाधन विभाग एवं अन्य संबंधित संस्थाएं जैसे हितधारकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही ग्वालियर की नगरीय संरचना में निहित उसकी विशिष्ट पहचान को बनाए रखने के लिए अभिलेखीय-मानचित्रों और दस्तावेजों के आधार पर ग्वालियर के ऐतिहासिक भू-उपयोग को स्थापित करना महत्वपूर्ण है। यह ऐतिहासिक भूमि उपयोग विकास के दिशा निर्देशों और विनियमों का आधार होगा, जिन्हें नगर विकास योजना में शामिल करने की आवश्यकता है। वहीं ग्वालियर में नेरो-गेज रेलवे लाइन की पुनर्स्थापना करना ऐतिहासिक नगरीय संरचना के लिए महत्वपूर्ण है और इसे एक उन्नत नगरीय आवागमन तंत्र के हिस्से के रूप में पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। साथ ही बाढ़ प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए फ्लड-प्लेन जोनिंग नियमों को लागू करने की आवश्यकता है, जो बाढ़ की चपेट में आने वाले क्षेत्रों और वर्षा जल के संचय क्षेत्रों का सीमांकन करने का सुझाव देते है।
ग्वालियर शहर में निहित स्थलाकृति और उसका ऐतिहासिक नगरीय विरासतों और स्मारकों के साथ संबंध, ग्वालियर शहर के परिदृश्य और क्षितिजों में साफ साफ दिखाई देता है। ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य के संरक्षण और भविष्य के विकास के नियंत्रण के लिए इन परिदृश्यों और क्षितिजों की सुरक्षा एक प्रारंभिक बिंदु है। हितधारकों को शामिल करते हुए राजस्व रिकॉर्डस के अनुसार भूमि उपयोग का विश्लेषण करना आवश्यक है। सार्वजनिक संपत्ति के लिए संबंधित विभाग द्वारा ऊंचाई आदि के निर्माण नियमों को लागू करने की आवश्यकता होगी। निजी संपत्ति के मामले में, संबंधित भूमि मालिकों की सहमति प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। मौजूदा उदाहरण के तौर पर उड्डयन मंत्रालय द्वारा विमान संचालन की सुरक्षा के लिए ऊंचाई प्रतिबंध नियम 2015 के अंतर्गत निर्माण और पेड़ों पर प्रतिबंध, एनओसी जारी करना, कलर कोटेड जोनिंग मैप्स जारी करना आदि देखा जाता है।
कार्यशाला के दौरान यूनेस्को नई दिल्ली से सुश्री जून्ही हेन ने यूनेस्कों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। संभागीय आयुक्त श्री आशीष सक्सैना एवं कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा विभिन्न जानकारियाँ दी गई। ग्वालियर शहर के सुनियोजित विकास के लिए एक और बैठक आयोजित कर फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाकर यूनेस्कों को भेजा जाएगा।







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