19/05/2026
सेना ने अपनी रणनीतिक तैयारियों (strategic preparedness) को मजबूत करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर टैंकों और बख्तरबंद वाहनों की तैनाती में बड़ा विस्तार किया है। इस आधुनिकीकरण, अभ्यास और रणनीतिक रक्षा अपडेट की पूरी जानकारी Indian Army Website पर उपलब्ध है।
इस रणनीतिक बदलाव के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
लद्दाख सेक्टर (चीन सीमा): वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना ने 500 से अधिक टैंक और इन्फैंट्री कॉम्बैट वाहन (ICVs) तैनात किए हैं। लद्दाख में न्योमा (Nyoma) और दौलत बेग ओल्डी (DBO) सेक्टर में 14,500 फीट से अधिक की ऊंचाई पर दुनिया की सबसे ऊंची टैंक मरम्मत और रखरखाव (maintenance) सुविधाएं स्थापित की गई हैं।
राजस्थान और पंजाब सेक्टर (पाकिस्तान सीमा): भारत-पाकिस्तान सीमा पर 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारी संख्या में T-72 और T-90 'भीष्म' (Bhishma) जैसे मुख्य युद्धक टैंक तैनात किए गए हैं।
नई रणनीति और स्वदेशीकरण: भविष्य के युद्धों के लिए टैंकों में बदलाव करते हुए भारतीय सेना अपने टैंकों के साथ 'शौर्य स्क्वाड्रन' (Shaurya Squadrons) के रूप में समर्पित ड्रोन (drones) यूनिट्स भी शामिल कर रही है। इसके अलावा स्वदेशी 'अर्जुन' (Arjun Mk-1A) टैंकों को भी शामिल किया जा रहा है।