02/02/2026
आज बीकानेर में #खेजड़ी_बचाओ_आंदोलन को लेकर आमजन द्वारा महापड़ाव आयोजित किया गया है। यह महापड़ाव केवल एक विरोध नहीं, बल्कि प्रकृति की रक्षा, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए उठी सामूहिक चेतना की आवाज़ है।
खेजड़ी थार की आत्मा है। इसी ने मरुस्थल को जीवन दिया, पशुपालकों को सहारा दिया और पीढ़ियों से पर्यावरण का संतुलन बनाए रखा। हमारे पूर्वजों ने इसे केवल उगाया नहीं, बल्कि अपनी आस्था और बलिदान से सींचा है। जब खेजड़ी पर संकट आया, तब मां अमृता देवी और उनके साथियों ने इसे बचाने के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए। उनका बलिदान आज भी हमें याद दिलाता है कि खेजड़ी हमारे लिए संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार रही है।
आज उसी खेजड़ी का विकास के नाम पर कटना मन को आहत करता है। विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास जो प्रकृति को घायल कर दे और इतिहास की जड़ों को काट दे, वह भविष्य नहीं रच सकता। खेजड़ी बचेगी, तभी राजस्थान बचेगा—और तभी आने वाली पीढ़ियाँ सुरक्षित रहेंगी।
सरकार से निवेदन करता हूं कि खेजड़ी जैसे जीवनदायी वृक्षों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तुरंत प्रभाव से सशक्त और प्रभावी क़ानून बनाए जाएं |अवैध कटाई के विरुद्ध बिना किसी दबाव या भेदभाव के कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी हमारी प्राकृतिक विरासत से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
CMO Rajasthan Bhajanlal Sharma Government of Rajasthan Ministry of Environment, Forest & Climate Change, Government of India Narendra Modi
#खेजड़ी_बचाओ