01/01/2026
इफ्तिखार खान का मकबरा (जिसे कभी-कभी इख्तियार खान या इफ्तेखार खान भी लिखा जाता है) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित चुनार शहर में एक ऐतिहासिक मुगल कालीन स्मारक है। यह चुनार किले के पास स्थित है और मुगल वास्तुकला का एक सुंदर नमूना है।
मुख्य जानकारी:
निर्माण वर्ष: 1605 ईस्वी (कुछ स्रोतों में 1613 का उल्लेख, लेकिन शिलालेख के अनुसार 1605)।
किसका मकबरा: मुगल सम्राट जहांगीर (शासनकाल 1605-1627) के एक वफादार अधिकारी और जनरल इफ्तिखार खान (उपाधि: दिलवर खान) का। वे बहादुरी के लिए प्रसिद्ध थे और 1612 में बंगाल में एक युद्ध में शहीद हो गए।
स्थान: चुनार (मिर्जापुर district, उत्तर प्रदेश), वाराणसी से लगभग 40-50 किमी दूर, गंगा नदी के किनारे। चुनार किले से थोड़ी दूरी पर।
वास्तुकला:
मुख्य संरचना वर्गाकार (square plan) है, लेकिन कुछ वर्णनों में पेंटागोनल (पंचकोणीय) कहा गया है।
ऊपर बड़ा गोलाकार गुंबद (hemispherical dome) है, जो उल्टे कमल और फिनियल से सजा हुआ है।
चार कोनों पर मीनारें।
मेहराबदार खिड़कियां और niches।
चारबाग शैली का बगीचा (अब सूख चुका है और रखरखाव की कमी है)।
पूरा मकबरा चुनार के प्रसिद्ध लाल बलुआ पत्थर (Chunar sandstone) से बना है।
महत्व: यह प्रारंभिक मुगल काल की वास्तुकला का उदाहरण है। चुनार किला खुद बहुत प्राचीन है (मौर्य काल से), लेकिन यह मकबरा मुगल दौर का है।
वर्तमान में यह जगह थोड़ी उपेक्षित है और रखरखाव की जरूरत है, लेकिन इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। चुनार घूमने जाएं तो किले के साथ इस मकबरे को जरूर देखें।
यहां कुछ तस्वीरें हैं: