16/04/2026
19 अप्रैल दिन रविवारभगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव (परशुराम जयंती) के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई और अनंत शुभकामनाएँ!
अक्षय तृतीया के शुभ दिन अवतरित, भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम जी शौर्य, ज्ञान और त्याग के अद्भुत प्रतीक हैं। वे केवल शस्त्र के ही नहीं, बल्कि शास्त्र के भी प्रकांड विद्वान हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि न्याय की रक्षा के लिए शक्ति का संचय आवश्यक है, परंतु उस शक्ति का उपयोग सदैव धर्म और मर्यादा की स्थापना के लिए ही होना चाहिए।
"अग्रतः चतुरो वेदाः पृष्ठतः सशरं धनुः ।" अर्थात् जिनके आगे चारों वेद हैं और पीठ पर धनुष-बाण सुशोभित है, ऐसे शस्त्र और शास्त्र के संगम स्वरूप भगवान परशुराम हम सभी के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज में व्याप्त अधर्म और अहंकार का विनाश कर एक न्यायपूर्ण व्यवस्था की नींव रखी थी।
आज के इस विशेष दिन पर आइए हम संकल्प लें कि हम उनके बताए मार्ग पर चलते हुए अपने भीतर के 'परशु' (साहस) से बुराइयों का अंत करेंगे और 'राम' (मर्यादा) से समाज में प्रेम और सद्भाव का विस्तार करेंगे।
याचना नहीं, अब रण होगा, जीवन-जय या कि मरण होगा।
धर्म की रक्षा हेतु तत्पर, परशुराम का नमन होगा।
भगवान परशुराम जी का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे। आपका जीवन सुख, समृद्धि और आरोग्य से परिपूर्ण हो।
जय श्री परशुराम!