09/06/2026
भारत💗💗
एक मुल्क की बात
सियासत की धूल में चेहरे कई खो गए,
कुछ लोग कुर्सियों के थे, कुछ लोग रो गए।
बाज़ार में नफ़रतों का कारोबार गर्म है,
मोहब्बत के ख़रीदार जाने कहाँ सो गए।
जो कल तक साथ बैठकर रोटी बाँटते थे,
वही आज नाम और मज़हब में बँट गए।
किसान की आँख में बारिश का इंतज़ार है,
नेताओं के होंठों पर फिर नए इश्तिहार हैं।
युवा के हाथ में डिग्री तो बहुत है मगर,
सपनों के शहर के दरवाज़े कहीं बंद हैं।
सड़कों पे शोर बहुत है, टीवी पे जंग है,
लेकिन ग़रीब के घर में अब भी वही तंग है।
फिर भी ये मुल्क ज़िंदा है, उम्मीद की वजह से,
मज़दूर की मेहनत से, सैनिक की दुआ से।
न मंदिर से, न मस्जिद से, न किसी ताज से,
भारत की पहचान है उसके लोगों की आवाज़ से।
जिस दिन सच को सच कहने का हुनर लौट आएगा,
ये देश फिर अपने असली सफ़र पर जाएगा।
नफ़रत की सियासत हार जाएगी एक दिन,
इंसान से इंसान का रिश्ता जीत जाएगा एक दिन