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चेहरे पर तो हर कोई फ़िदा हो जाता है, तलाश उसकी करना जो आँसुओं का हिस्सेदार बने… ❤️सोशल मीडिया पर एक भावुक कहानी चर्चा मे...
30/05/2026

चेहरे पर तो हर कोई फ़िदा हो जाता है, तलाश उसकी करना जो आँसुओं का हिस्सेदार बने… ❤️

सोशल मीडिया पर एक भावुक कहानी चर्चा में है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि शादी से ठीक पहले दुल्हन की तबीयत बिगड़ने के बाद दूल्हे ने अस्पताल में ही शादी की रस्में पूरी कीं। यह घटना लोगों के बीच सच्चे प्यार, साथ और मुश्किल समय में निभाए गए रिश्तों की मिसाल के रूप में देखी जा रही है। 🩷

हालांकि, किसी भी वायरल कहानी या वीडियो की पूरी परिस्थितियाँ और पुष्टि अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन यह संदेश जरूर देती है कि रिश्तों की असली पहचान मुश्किल समय में साथ निभाने से होती है।

यह पोस्ट केवल सकारात्मक भावना, प्रेरणा और सामाजिक चर्चा के उद्देश्य से साझा की जा रही है। कृपया सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करें और अपनी राय सभ्य तरीके से रखें। ❤️

गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग तेज, आखिर सरकार किसका इंतजार कर रही है? 🤔ईद-उल-अज़्हा (बकरीद) 2026 के इस मौके पर देश ...
30/05/2026

गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग तेज, आखिर सरकार किसका इंतजार कर रही है? 🤔

ईद-उल-अज़्हा (बकरीद) 2026 के इस मौके पर देश की राजनीति गरमा गई है। मौलाना अरशद मदनी समेत देश के कई बड़े मुस्लिम संगठनों ने मांग की है कि गाय को तुरंत भारत का 'राष्ट्रीय पशु' घोषित किया जाए ताकि गौह*त्या पर एक कड़ा और एकसमान कानून बन सके और देश में शांति-सद्भाव बना रहे।

अब जब मुस्लिम समाज भी इस फैसले के समर्थन में खड़ा है, तो क्या केंद्र सरकार को यह ऐतिहासिक कदम उठाना चाहिए? आपकी इस पर क्या राय है, कमेंट में लिखकर जरूर बताएं! 👇

गोलियों की बौछार हो रही थी, खतरा हर तरफ था, लेकिन एक महिला अधिकारी ने पीछे हटने के बजाय डटकर मुकाबला किया। घायल होने के ...
30/05/2026

गोलियों की बौछार हो रही थी, खतरा हर तरफ था, लेकिन एक महिला अधिकारी ने पीछे हटने के बजाय डटकर मुकाबला किया। घायल होने के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा और उन्होंने अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखा। 🇮🇳🔥
सराहना की जा रही है कि कमलेश कुमारी ने अदम्य साहस, बहादुरी और देशसेवा का ऐसा उदाहरण पेश किया जिसे आज भी याद किया जाता है। कहा जाता है कि उन्हें कई गोलियां लगीं, फिर भी उन्होंने अपने कर्तव्य से कदम पीछे नहीं खींचा। उनकी वीरता के सम्मान में उन्हें अशोक चक्र से भी सम्मानित किया गया।
उनकी कहानी हमें सिखाती है कि सच्चा साहस डर का अभाव नहीं, बल्कि डर के बावजूद अपने कर्तव्य को निभाना है। ऐसे वीरों की वजह से ही देश सुरक्षित रहता है। 🙏🇮🇳
🇮🇳🔥

29/05/2026
20 साल... यानी करीब 7,300 दिन। इतना लंबा इंतजार किसी मां के लिए कितना कठिन होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। 😢केरल ...
29/05/2026

20 साल... यानी करीब 7,300 दिन। इतना लंबा इंतजार किसी मां के लिए कितना कठिन होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। 😢
केरल के अब्दुल रहीम आखिरकार 20 साल सऊदी अरब की जेल में बिताने के बाद अपने घर लौट आए हैं। साल 2006 में एक दुर्घटना से जुड़े मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था और बाद में मौत की सजा भी सुनाई गई थी।
जब उनकी फांसी का खतरा मंडरा रहा था, तब दुनिया भर के केरलवासियों ने एकजुट होकर उनके लिए एक बड़ा क्राउडफंडिंग अभियान चलाया। लाखों लोगों के सहयोग से करीब 34 करोड़ रुपये जुटाए गए, जिन्हें सऊदी कानून के तहत "ब्लड मनी" (मुआवजा राशि) के रूप में पीड़ित परिवार को दिया गया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने उन्हें माफ कर दिया और उनकी मौत की सजा रद्द हो गई।
हालांकि फांसी की सजा खत्म होने के बाद भी उन्हें अपनी बाकी जेल की अवधि पूरी करनी पड़ी। आखिरकार 20 साल बाद जब वह अपने घर पहुंचे और अपनी बुजुर्ग मां से मिले, तो वह पल बेहद भावुक था। मां ने बेटे को गले लगाया और वर्षों का दर्द आंसुओं में बह निकला।
यह सिर्फ एक व्यक्ति की रिहाई की कहानी नहीं है, बल्कि उम्मीद, इंसानियत, सामूहिक सहयोग और एक मां के अटूट प्रेम की कहानी है। कभी-कभी हजारों अनजान लोगों की मदद किसी एक परिवार की पूरी दुनिया बदल देती है। ❤️🙏

आगरा से आई तस्वीर ने दिल जीत लिया ❤️बकरीद का मतलब सिर्फ कुर्बानी नहीं होता।ये बात आगरा के एक मुस्लिम परिवार ने साबित कर ...
29/05/2026

आगरा से आई तस्वीर ने दिल जीत लिया ❤️

बकरीद का मतलब सिर्फ कुर्बानी नहीं होता।
ये बात आगरा के एक मुस्लिम परिवार ने साबित कर दी।

इस बार इन्होंने असली बकरे की बलि देने की जगह बकरे की तस्वीर वाला केक काटकर ईद मनाई।

परिवार का कहना है:
त्योहार का असली मकसद खुशी बांटना और नेकी करना है।
उसके लिए किसी बेजुबान की जान लेना जरूरी नहीं।
हमने प्रतीकात्मक रूप से केक काटकर अपनी रस्म पूरी की।

इस पहल का मकसद है:
1. समाज में जीव ह*त्या रोकना।
2. इंसानियत का सकारात्मक संदेश देना।
3. त्योहार को पूरी तरह शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से मनाना।

सोचने वाली बात:
जब धर्म के नाम पर बदलाव की शुरुआत घर से हो,
तो वो समाज के लिए मिसाल बन जाती है।
खू*न बहाने से नहीं, करुणा दिखाने से इबादत मुकम्मल होती है।

कुर्बानी का मतलब त्याग है।
अपने गुस्से, लालच, नफरत की कुर्बानी दो।
किसी बेजुबान की नहीं।

आपको क्या लगता है इस पहल के बारे में?
क्या ऐसे तरीके से ईद मनाना सही कदम है?
कमेंट में बताओ 👇

शेयर करो, ताकि ये सोच हर शहर, हर गांव तक पहुंचे 🙏

42 के साथ शादी के नाम पर बड़ा लुट.. जिन लड़कों की शादी नहीं हो रही थी..!उन्हें इंस्टाग्राम की सुंदर लड़कियों की तस्वीर द...
29/05/2026

42 के साथ शादी के नाम पर बड़ा लुट..
जिन लड़कों की शादी नहीं हो रही थी..!
उन्हें इंस्टाग्राम की सुंदर लड़कियों की तस्वीर दिखाएं..!
फिर सुंदर कन्या देखकर कुंवारे खुश हो गए..

फिर किसी ने बाइक बेची..! किसी ने जमीन गिरवी रखी और ठगों को ₹12 से ₹35 हजार तक थमा दिए..!

25 मई 2026
मध्य प्रदेश के देवास जिले का
राधागंज क्लब मैदान।

विभिन्न जिलों से आए दूल्हे
सुबह 8 बजे से आने लगे थे।
हर परिवार ने जो 12,000 से 35,000 रुपए दिए थे।
बदले में वादा था
इंदौर के अनाथ आश्रम की लड़कियों से
सामूहिक विवाह।

सोशल मीडिया से उठाई गई मॉडल्स की तस्वीरें
इन परिवारों को दुल्हनों के रूप में दिखाई गई थीं।

देर शाम तक इंतजार।
फिर रात।
फिर सन्नाटा।

न दुल्हन।
न आयोजक।
न पैसा।

पुलिस ने सुनीता दास बैरागी और उसके पति
मुकेश दास बैरागी को गिरफ्तार किया।
दो आरोपी-नरसिंह दास बैरागी और दिनेश दास बैरागी
अभी भी फरार हैं।

यह सिर्फ एक ठगी की खबर नहीं है।
यह एक सवाल है।

42 परिवार
अलग-अलग जिलों से
एक अनजान आदमी के झांसे में कैसे आए?

इसका जवाब उस दर्द में है
जिसे हम जोर से नहीं कहते।

भारत में मैट्रिमोनियल स्कैम्स की जड़
सिर्फ लालच नहीं
बल्कि सांस्कृतिक दबाव और
भावनात्मक कमजोरी है।

एक उम्र के बाद अविवाहित लड़का
घर में बोझ।
रिश्तेदारों की निगाहें।
'अभी तक शादी नहीं हुई?'
'कुछ कमी है क्या?'

भारत में साइबर फ्रॉड के लगभग 60% मामले
इसी इमोशनल वलनरेबलिटी को प्रताड़ित करते हैं।
टायर-2 और टायर-3 शहरों में
मैट्रिमोनियल फ्रॉड सबसे तेजी से बढ़ रहा है।

ठग इसी को जानते हैं।
वो दूल्हे को नहीं ठगते
वो उस परिवार की बेचैनी को ठगते हैं।

शादी के नाम पर ठगी के 5 सावधानियां
जो हर परिवार को पता होने चाहिए:

पहला 'अनाथ आश्रम की लड़की' का झांसा।
कोई प्रतिष्ठित संस्था ऐसे काम नहीं करती।

दूसरा- सोशल मीडिया से ली गई तस्वीरें।
गूगल रिवर्स इमेज सर्च करो।

तीसरा पैसे पहले, मिलाई बाद।
कोई भी विवाह समारोह
पहले पैसे नहीं मांगता।

चौथा जल्दबाजी का दबाव।
"इस बार का मौका गया तो अगली बार नहीं मिलेगा।"
यह मैनूपूलेशन है।

पांचवां आयोजक का कोई प्रमाणित पता नहीं।
कोई ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन नहीं।

मेरे एक सर हमेशा कहते थे
"बेटा, जिस दिन किसी की जरूरत
तुम्हारी सोच पर हावी हो जाए
उस दिन समझो कि कोई खेल रहा है।"

लोग भगवान के नाम पर भी ठगे जाते हैं।
शादी के नाम पर भी।

क्योंकि जब दिल कमजोर होता है
तो आंखें बंद हो जाती हैं।

एक बड़े लेखक ने लिखा था

"ठगी तब होती है जब आदमी
अपनी ज़रूरत को अपनी ताकत
समझने की भूल कर बैठता है।"

देवास के उन 42 परिवारों की जरूरत असली थी।
उनका सपना असली था।
उनका दर्द असली था।

बस जो उन्होंने देखा
वो झूठ था।

आपके घर में, आपके मोहल्ले में
कोई न कोई ऐसा परिवार जरूर है
जो इस दर्द को जानता है।

जहां उम्र बढ़ती जाती है।
रिश्ते नहीं आते।
और हर "जुगाड़" वाला
एक उम्मीद की तरह लगता है।

मैं चाहता हूं कि यह पोस्ट हर उस परिवार तक पहुंच जाए।
इससे पहले कि कोई ठग पहुंचे।

आप भी बता सकते हैं
वह कौन सा पल था
जब आपने या आपके किसी अपने ने
किसी बात पर इतना भरोसा किया
कि सच और झूठ का फर्क दिखना बंद हो गया?

आप जरूर बताएं
शायद आपका अनुभव
किसी और को बचा ले। 🙏

#देवास #ठगी #विवाह #सावधान

42 के साथ शादी के नाम पर बड़ा लुट.. जिन लड़कों की शादी नहीं हो रही थी..!उन्हें इंस्टाग्राम की सुंदर लड़कियों की तस्वीर द...
28/05/2026

42 के साथ शादी के नाम पर बड़ा लुट..
जिन लड़कों की शादी नहीं हो रही थी..!
उन्हें इंस्टाग्राम की सुंदर लड़कियों की तस्वीर दिखाएं..!
फिर सुंदर कन्या देखकर कुंवारे खुश हो गए..

फिर किसी ने बाइक बेची..! किसी ने जमीन गिरवी रखी और ठगों को ₹12 से ₹35 हजार तक थमा दिए..!

सभी दूल्हा बनकर मंडप पहुंचे..!
लेकिन रात तक एक भी दुल्हन नहीं आई..!
बेचारे रात 1:00 बजे तक इंतजार करते ही रह गए..🙄🙄
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25 मई 2026
मध्य प्रदेश के देवास जिले का
राधागंज क्लब मैदान।

विभिन्न जिलों से आए दूल्हे
सुबह 8 बजे से आने लगे थे।
हर परिवार ने 12,000 से 35,000 रुपए दिए थे।
बदले में वादा था
इंदौर के अनाथ आश्रम की लड़कियों से
सामूहिक विवाह।

सोशल मीडिया से उठाई गई मॉडल्स की तस्वीरें
इन परिवारों को दुल्हनों के रूप में दिखाई गई थीं।

देर शाम तक इंतजार।
फिर रात।
फिर सन्नाटा।

न दुल्हन।
न आयोजक।
न पैसा।

पुलिस ने सुनीता दास बैरागी और उसके पति
मुकेश दास बैरागी को गिरफ्तार किया।
दो आरोपी-नरसिंह दास बैरागी और दिनेश दास बैरागी
अभी भी फरार हैं।

यह सिर्फ एक ठगी की खबर नहीं है।
यह एक सवाल है।

42 परिवार
अलग-अलग जिलों से
एक अनजान आदमी के झांसे में कैसे आए?

इसका जवाब उस दर्द में है
जिसे हम जोर से नहीं कहते।

भारत में मैट्रिमोनियल स्कैम्स की जड़
सिर्फ लालच नहीं
बल्कि सांस्कृतिक दबाव और
भावनात्मक कमजोरी है।

एक उम्र के बाद अविवाहित लड़का
घर में बोझ।
रिश्तेदारों की निगाहें।
'अभी तक शादी नहीं हुई?'
'कुछ कमी है क्या?'

भारत में साइबर फ्रॉड के लगभग 60% मामले
इसी इमोशनल वलनरेबलिटी को प्रताड़ित करते हैं।
टायर-2 और टायर-3 शहरों में
मैट्रिमोनियल फ्रॉड सबसे तेजी से बढ़ रहा है।

ठग इसी को जानते हैं।
वो दूल्हे को नहीं ठगते
वो उस परिवार की बेचैनी को ठगते हैं।

शादी के नाम पर ठगी के 5 सावधानियां
जो हर परिवार को पता होने चाहिए:

पहला 'अनाथ आश्रम की लड़की' का झांसा।
कोई प्रतिष्ठित संस्था ऐसे काम नहीं करती।

दूसरा- सोशल मीडिया से ली गई तस्वीरें।
गूगल रिवर्स इमेज सर्च करो।

तीसरा पैसे पहले, मिलाई बाद।
कोई भी विवाह समारोह
पहले पैसे नहीं मांगता।

चौथा जल्दबाजी का दबाव।
"इस बार का मौका गया तो अगली बार नहीं मिलेगा।"
यह मैनूपूलेशन है।

पांचवां आयोजक का कोई प्रमाणित पता नहीं।
कोई ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन नहीं।

मेरे एक सर हमेशा कहते थे
"बेटा, जिस दिन किसी की जरूरत
तुम्हारी सोच पर हावी हो जाए
उस दिन समझो कि कोई खेल रहा है।"

लोग भगवान के नाम पर भी ठगे जाते हैं।
शादी के नाम पर भी।

क्योंकि जब दिल कमजोर होता है
तो आंखें बंद हो जाती हैं।

एक बड़े लेखक ने लिखा था

"ठगी तब होती है जब आदमी
अपनी ज़रूरत को अपनी ताकत
समझने की भूल कर बैठता है।"

देवास के उन 42 परिवारों की जरूरत असली थी।
उनका सपना असली था।
उनका दर्द असली था।

बस जो उन्होंने देखा
वो झूठ था।

आपके घर में, आपके मोहल्ले में
कोई न कोई ऐसा परिवार जरूर है
जो इस दर्द को जानता है।

जहां उम्र बढ़ती जाती है।
रिश्ते नहीं आते।
और हर "जुगाड़" वाला
एक उम्मीद की तरह लगता है।

मैं चाहता हूं कि यह पोस्ट हर उस परिवार तक पहुंच जाए।
इससे पहले कि कोई ठग पहुंचे।

आप भी बता सकते हैं
वह कौन सा पल था
जब आपने या आपके किसी अपने ने
किसी बात पर इतना भरोसा किया
कि सच और झूठ का फर्क दिखना बंद हो गया?

आप जरूर बताएं
शायद आपका अनुभव
किसी और को बचा ले। 🙏

#देवास #ठगी #विवाह #सावधान

उनकी चीखें सुनो, उनका दर्द समझो! 😢ये भी जीवित हैं, इन्हें भी द*र्द होता है।अगर आपकी जान कोई ले ले, तो कैसा लगेगा?तो फिर ...
28/05/2026

उनकी चीखें सुनो, उनका दर्द समझो! 😢

ये भी जीवित हैं, इन्हें भी द*र्द होता है।
अगर आपकी जान कोई ले ले, तो कैसा लगेगा?
तो फिर उनकी जान क्यों लेते हो?

क्यों बंद होनी चाहिए पशु कुर्बानी/बलि प्रथा?

1. ये निर्दोष हैं।
2. दया और अहिंसा ही सच्चा धर्म हैं।
3. कोई भी धर्म ह*त्या की शिक्षा नहीं देता।
4. कुर्बानी/बलि से प्रसन्नता नहीं, पाप और हिंसा बढ़ती है।

सोचने वाली बात:
जिस परमात्मा ने ये जीवन बनाया, क्या वो किसी की जान लेकर खुश होगा?
मंदिर हो या मस्जिद, भगवान करुणा से मिलता है, खून से नहीं।

त्योहार का मतलब खुशी बांटना होता है,
किसी की सांसें छीनना नहीं।

करुणा अपनाएं, कुर्बानी/बलि प्रथा को खत्म करें।
दया ही धर्म है। जीवन अनमोल है। हर जीव को जीने का अधिकार है।

क्या आप सहमत हैं? आपकी क्या राय है बताएं जरूर 🙏

#मांस_खाना_अल्लाह_का_आदेशनहीं

राम रहीम को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 2017 में दोषी ठहरा...
28/05/2026

राम रहीम को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें 16वीं बार पैरोल मिली है। इसी बीच यह भी कहा जा रहा है कि विपश्यना तिवारी ने झूठे रेप केस में 20 साल जेल में बिताए। इस मुद्दे पर लोग सोशल मीडिया पर न्याय व्यवस्था और पैरोल नियमों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि वायरल दावों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
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