15/06/2021
स्व ज़मीदार चौधरी नत्थू सिंह यादव........
मुलायम सिंह को किसान और पहलवान से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनवाने का श्रेय मैनपुरी के स्व ज़मीदार चौधरी साहब नत्थू सिंह जी यदुवंशी को जाता है।
पश्चिमी यूपी के ब्रजखंड के जिला मैनपुरी के करहल के एक सम्पन्न यदुवंशी क्षत्रिय अहीर जमींदार घराने में जन्मे नत्थू सिंह जी बड़े ही नेक इंसान थे।
विरासत में मिली जमींदारी की शानो शौकत के साथ साथ ये बहुत ही ज्ञानी और पढ़े लिखे हस्ती थे।
इन्होंने कॉलेज में अध्यापक के हैसियत से भी नौकरी की।
एक ज़माना था जब ब्रजखंड के अन्तर्गत लगने वाले यादव दबदबे वाले जिले (इटावा, एटा, मैनपुरी, फ़िरोज़ाबाद, आगरा, कासगंज, कन्नौज औरैया फर्रुखाबाद, उरई, बदायूं ) आदि जिले जिन्हें यादव लैंड कहा जाता हैं, यहां आज़ादी से पूर्व क्षत्रिय यादव जमींदारों की तूती बोलती थी।
दबदबा भी इतना ज़बरदस्त था यादव सामंतों और जमींदारों का कि आज़ादी के उपरांत जब लोकतंत्र आया देश में तब इन इलाकों में किसी शूद्र वर्ग के छोटी जाती वालों को मंत्री बनने तो दूर , इसके बारे में सोचने भी नहीं दिया जाता था।
इस पूरे बेल्ट में आजतक भी यादवों का इतना दबदबा है कि पनवाड़ी की दुकान पर अगर पन वाले को भनक लग जाए कि पान खाने वाले यादवजी हैं तो वो कभी पैसे नहीं मांगते थे।
इसी दौरान जब इटावा के जसवंत नगर में विधायकी के चुनाव हुए तो उन दिनों इस सीट पर विधायक जमींदार चौधरी साहब नत्थू सिंह यादव का दबदबा था।
इसी दौरान गरीब परिवार में जन्मे मुलायम सिंह यादव ने भी राजनीति में हाथ आजमाना चाहा लेकिन यहां के पास के ही एक यादव जमींदार चौधरी बलराम सिंह जी यादव खुद यहां से मंत्री बनना चाहते थे।
युवा मुलायम सिंह के जोश और कुशलता से प्रभावित हो चौधरी नत्थू सिंह साहब ने अपनी सीट मुलायम सिंह के लिए छोड़ने का फैसला किया ।
चौधरी साहब के हाथ रखने मात्र से जसवंत नगर की जनता ने मुलायम सिंह जी को विधायक बना दिया। यहीं से मुलायम सिंह के सियासत सफ़र की शुरुआत हुई ।
लेकिन जमींदार चौधरी बलराम सिंह यादव इतने गुस्साए कि मुलायम सिंह के काफिले पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसवा दी थी । हालांकि शिवपाल सिंह जी ने मुलायम सिंह को वहां से बचा निकला था।
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आज देश के सबसे बड़े सियासी खानदान मुलायम सिंह के कुनबे को तो सब जानते हैं लेकिन जमींदार चौधरी नत्थू सिंह जी यादव को भुला दिया है यदुवंशियों ने।
शत शत नमन। जय यदुवंशी क्षत्रिय।
सहयोगी ग्रंथ- यदुवंश इतिहास. यदुवंश दर्पण
🖋️ चौ. सुधीर सिंह यादव-सारंग
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